फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दशकों तक टीवी पर राज करने वाली रामायण को ऐसे मिले थे सीता, राम और लक्ष्मण

विज्ञापन
1 of 11
राम, सीता, लक्ष्मण - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स

‘सीता राम चरित अति पावन, मधुर सरस और अति मन भावन…’ के बोल बजते हुए घंटों की मधुर सुर वाणी के साथ हमारे कानों में प्रवेश करते हैं तो स्वतः ही हमें रामायण की याद आ जाती है। रामायण और महाभारत जैसे टीवी धारावाहिक तो हर जमाने में बनाए गए, लेकिन रामानंद सागर की रामायण अन्य के मुकाबले इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई। रामानंद सागर की रामायण आज भी भारतीय दर्शकों के दिल-ओ-दिमाग में घर किए हुई है।

विज्ञापन

2 of 11
रामायण देखते प्रकाश जावड़ेकर और अश्विनी कुमार चौबे - फोटो : Twitter
इसके प्रति दर्शकों के प्रेम का अंदाजा आखिर इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में लॉकडाउन के दौरान जब रामायण को दोबारा दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया, तो इसने कल्पना से परे टीआरपी के सारे रिकॉर्ड धाराशायी कर दिए। आम दर्शक ही नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और अश्विनी कुमार चौबे जैसी राजनीतिक हस्तियां भी इस क्षण का हिस्सा बनीं। लॉकडाउन के दिनों में घर में बैठकर पूरे परिवार ने फिर एक साथ रामायण देखी तो मानों 1987 की यादें ताजा हो गईं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि रामानंद सागर की रामायण किसी दशक या समय की नहीं है, बल्कि इसने हर जमाने को अपना बना लिया है और कालचक्र पर विजयी हो गई।
विज्ञापन

3 of 11
रामायण - फोटो : Ramayan
लेकिन इन सबके बीच आपमें से कइयों के जहन में यह सवाल भी आता होगा कि आखिर सीता, राम और लक्ष्मण का किरदार निभाने के लिए चुनाव कैसे किया गया? कैसे ऑडीशन लिए गए होंगे और किसने उनमें भगवान का रूप देखा होगा? क्योंकि मानवीय शरीर को कला से तराशकर उसमें भगवान की झलक दिखाना वाकई एक बड़ी चुनौती थी। इसके अलावा भाषाई संपन्नता भी एक बड़ी चिंता थी। शुद्ध श्लोकों और धारदार भाषा वाले किरदारों का चयन करना इतना आसान भी नहीं था। बाद में इसका खुलासा खुद रामायण में किरदार निभाने वाले कलाकारों ने किया। इनके चयन का किस्सा बड़ा ही दिलचस्प है।

4 of 11
रामायण - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala
किसी भी किरदार को अमर कर देने के लिए उसे निभाने वाले कलाकार में शिद्दत जरूरी है। कुछ ऐसा ही रामायण के किरदारों के साथ भी हुआ। इसमें दीपिका चिखलिया, अरुण गोविल और सुनील लहरी ने सीता, राम और लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। इन तीनों ने मिलकर एक बार कपिल शर्मा के कॉमेडी में पूरी कहानी खोलकर रख दी थी।
 
विज्ञापन

5 of 11
रामायण - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala
अरुण गोविल ने बताया था ‘एक दिन मुझे पता चला कि सागर साहब (रामानंद सागर) रामायण बनाने वाले हैं। न जाने क्यों मुझे ख्याल आया कि मुझे राम जी का किरदार निभाना है। मैं उनके पास चला गया और कहा कि आप रामायण बना रहे हैं, मुझे राम जी का रोल करना है। सागर जी मोटा चश्मा लगाते थे, मगर देखते बड़ा-बड़ा थे। पहले तो वो सोच में पड़ गए फिर टालते हुए बोले कि समय आएगा तो बताएंगे। फिर टाइम आया, उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और मैं रिजेक्ट हो गया। उनके सुपुत्र आनंद जी मुझे भरत का किरदार निभाने के लिए कहते रहे और इसकी खूबियां गिनाते रहे। लेकिन मैंने कहा मैं तो राम का किरदार करने ही आया हूं। अगर मैं उसके लिए सटीक नहीं हूं तो कोई बात नहीं है। फिर एक दिन सागर साहब का फोन और उन्होंने पूछा कि क्या कर रहे हो? मैंने कहा कुछ नहीं घर पर हूं। यह जानकर उन्होंने मुझे घर बुला लिया। कहा कि हमारी सेलेक्शन कमिटी ने तय किया है लेकिन तुम्हारे जैसा राम नहीं मिल रहा है। इस तरह मुझे राम का रोल मिल गया’।
 
विज्ञापन

6 of 11
अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala
इसके आगे अरुण गोहिल कहते हैं ‘मुझे राम का रोल तो मिल गया, लेकिन मैं राम बन नहीं पा रहा था। मेरा मेकअप हुआ, कॉस्ट्यूम तैयार हुआ, मगर मैं इंसान नजर आ रहा था भगवान नहीं। इसके बाद मैंने बहुत सोचा। तब याद आया कि मुझे ब्रेक देने वाले राजश्री प्रोडक्शन के राजकुमार बड़जात्या जी ने एक दफा कहा था कि अरुण तुम्हारी मुस्कुराहट बहुत अच्छी है। इसे कभी इस्तेमाल करना। बस मैंने अपने कैरेक्टर में वो स्माइल डाल दी। मगर वो मुस्कुराहट सीन के हिसाब से बहुत नापी-तौली हुआ करती थी। जब भगवान राम कहते कि मैं भगवान हूं लेकिन इंसान हूं, तो वो एक अलग मुस्कान हुआ करती थी। इस तरह हर मूड के हिसाब से मैं अलग तरह से मुस्कुराया करता था'। तो इस तरह 1987 की रामायण और दर्शकों को उनके राम मिले। कहा तो यह भी जाता है कि रामायण में उन्हें कास्ट करने से पहले 'विक्रम और बेताल' में रोल दिया गया ताकी लुक और अभिनय को परखा व निखारा जा सके।
विज्ञापन

7 of 11
अरुण गोविल (राम) - फोटो : Social media
वहीं, अरुण गोहिल का यह भी कहना है कि राम की छवि उनसे ऐसी आत्मसात हुई कि वे खुद भी इसे अलग न कर पाए। उन्होंने कई अन्य टीवी सीरियल और प्रोजेक्ट में काम किया, लेकिन कभी संतुष्टि नहीं मिली। खुद को राम के तौर पर देखने के बाद किसी अन्य किरदार में खुद ही स्वयं को स्वीकार नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने सोचा कि जो हमारे पास है, उस विरासत को संजोकर रखना चाहिए। इस तरह उन्हें संतोष प्राप्त हो गया।

8 of 11
सुनील लहरी (लक्ष्मण) - फोटो : Social media
राम की ही तरह दिलचस्प किस्सा लक्ष्मण का भी है। उन्होंने रामायण के स्टारकास्ट के स्टारडम का जिक्र किया। बताया कि एक दफा उन्हें फैंस की भीड़ ने घेर लिया था। साथ ही कहा कि रामायण के बाद भी उन्होंने और किरदार निभाए, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि सिर्फ बेहतरीन किरदार ही करेंगे, क्योंकि लक्ष्मण की छवि पर आंच नहीं आनी चाहिए। साथ ही सुनील लहरी ने लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। कहा कि इतनी व्यस्त दुनिया में लोग जहां सबकुछ भूल जाते हैं, वहां हमें आज भी याद रखा है और लोग उतना ही प्यार, स्नेहा व मान-सम्मान देते हैं। इसके लिए मैं भगवान का बहुत आभारी हूं।

9 of 11
दीपिका चिखलिया (सीता) - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala

रामायण में सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने बताया कि उस धारावाहिक ने महिला अभिनेत्रियों को समाज में इज्जत बख्शी। रामायण के बाद उन्होंने कई क्षेत्रीय फिल्में कीं।अभिनेत्रियों को देखकर लोग सीटी बजाया करते थे, लेकिन रामायण में सीता का किरदार निभाने के बाद उन्हें बहुत इज्जत मिली, जिसके लिए वे हमेशा खुश रहीं। वे कभी नहीं चाहती थीं कि लोग उन्हें देखकर भी सीटी बजाएं। इसलिए वे कभी सीता की छवि को तोड़ना नहीं चाहती थीं।
 

 

10 of 11
रामायण की टीम के साथ राजीव गांधी - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala
बीते साल कोरोना लॉकडाउन में जब रामायण को दूरदर्शन पर दोबारा ऑन एयर किया गया तो इसके प्रति लोगों का जुनून बिल्कुल पहले की तरह ही नजर आया। इस मौके पर दीपिका चिखलिया ने पिछले साल अप्रैल में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी साझा किया था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी रामायण की टीम के साथ नजर आ रहे थे। दीपिका ने लिखा था ‘यह पहली बार था जब हमें सम्मानित किया गया था। हमें एहसास हुआ था कि हम रामायण की विरासत के हिस्सा बन चुके थे। हमने इतिहास रचा। उस दिन को याद करती हूं, जब हमें प्रधानमंत्री से मिलने के लिए दिल्ली से फोन आया था'।
 
विज्ञापन

11 of 11
रामायण में सीता व अन्य - फोटो : Insatagram- @dipikachikhliatopiwala
तो ये थी 1987 के रामायण की स्टारकास्ट की कहानी। दर्शकों को ऐसे मिले थे उनके चहीते राम, लक्ष्मण और सीता, जिनके अभिनय की चमक आज भी फीकी नहीं पड़ी है। और शायद आने वाले समय के लिए भी वे सिग्नेचर स्टेटस छोड़ गए हैं। उस जमाने में इस्तेमाल किए गए डायलॉग, म्यूजिक, मोशन्स और ग्राफिक्स आज के मुकाबले पुराने जरूर हैं, लेकिन उन्हें देखकर लोग अब भी जुड़ाव महसूस करते हैं। क्योंकि कहते हैं न ‘ओल्ड इज गोल्ड’।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें