आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव के रहने वाले श्रीकांत बोला ने कई कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। श्रीकांथ जन्म से ही दृष्टिहीन थे और उनके माता-पिता बहुत ही गरीब और अशिक्षित थे। उन्हें जन्म से ही कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। 10वीं कक्षा पास करने के बाद साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई करने के लिए उन्हें लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। श्रीकांत ने न सिर्फ अच्छे नंबरों से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की बल्कि अमेरिका के मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढाई करने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय दृष्टिहीन छात्र बनने का गौरव भी उन्हें हासिल है।
श्रीकांत बोला की इस प्रेरक कहानी को तुषार हीरानंदानी निर्देशित करने जा रहे हैं। टी सीरीज कंपनी इस फिल्म में पैसा लगाने को तैयार हो गई है। फिल्म के सह निर्माताओं में कृष्ण कुमार और निधि परमार हीरानंदानी के नाम भी शामिल हैं। फिल्म की कहानी सुमित पुरोहित और जगदीप सिद्धू की लिखी हुई है और इसकी शूटिंग जुलाई 2022 में शुरू होने की संभावना दिख रही है।
इस फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए राजकुमार राव कहते हैं, "श्रीकांत बोला एक पूरी पीढ़ी के प्रेरणास्त्रोत हैं। इस तरह के एक प्रेरक व्यक्तित्व की भूमिका निभाना वास्तव में मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। इतनी कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद वह फीनिक्स की तरह ऊंचाई पाते रहे। मैं श्रीकांत के किरदार को निभाने को लेकर बेहद उत्सुक हूं।"
वहीं फिल्म की निर्माता निधि परमार हीरानंदानी और निर्देशक तुषार हीरानंदानी कहते हैं, "जैसे ही हमने ये कहानी सुनी, हमने तय कर लिया था कि हमें इस प्रेरक कहानी को लोगों तक जरूर पहुंचना चाहिए और सिनेमा से बेहतर माध्यम क्या हो सकता है। राजकुमार राव और भूषण कुमार जैसे पावरहाउस के साथ काम करने के लिए हम वास्तव में बेहद खुश हैं। हम आशा करते हैं कि यह सफर हमारी तरह दर्शकों के दिलों को भी छू जाएगा।"