हिंदी सिनेमा बनाने में आखिरी छोर पर खड़ा इंसान भी सेट पर बराबर की इज्जत पाता है। इस इंसान का काम फिल्म के कलाकारों से लेकर फिल्म के निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, आर्ट डायरेक्टर सबकी एक आवाज पर जवाब देना है, जी सर। इन्हें फिल्मी भाषा में स्पॉट बॉय कहते हैं। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो ऑफिस बॉय टाइप का कर्मचारी, फिल्म या टीवी की शूटिंग पर जिस पर हर कोई हुकुम चलाता है लेकिन इज्जत से। इज्जत से उसको स्पॉट दादा कहकर ही बुलाया जाता है। ऐसे ही एक स्पॉट दादा हैं रमाकांत जायसवाल, जिनकी जब किसी ने नहीं तो सलमान खान ने सुनी है।