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इस फिल्ममेकर ने 85 रुपए में की थी पहली नौकरी, 72 साल में खड़ा कर दिया अरबों का साम्राज्य

Fri, 22 Feb 2019 08:17 AM IST
शिप्रा सक्सेना गौरव शुक्ला, अमर उजाला, मुंबई
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rajkumar barjatya, sooraj barjatya - फोटो : social media
फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को उनके पिता राजकुमार बड़जात्या का निधन हो गया। 'हम आपके हैं कौन' और 'मैंने प्यार किया' जैसी फिल्में बनाकर राज कुमार ने सलमान खान को सुपरस्टार बना दिया था। बॉलीवुड में बड़जात्या खानदान का बहुत बड़ा योगदान है। पढ़िए ताराचंद्र बड़जात्या से लेकर अवनीश बड़जात्या तक इस खानदान की पूरी कहानी....
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rajkumar barjatya - फोटो : social media
हिंदी सिनेमा के 'सेठजी'
'सेठजी' के नाम से मशहूर ताराचंद बड़जात्या को एक ऐसे फिल्मकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने पारिवारिक फिल्में बनाकर 40 साल तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। ताराचंद का जन्म राजस्थान के एक मध्यमवर्गीय परिवार में 10 मई 1914 को हुआ।  कॉलेज तक की पढ़ाई कोलकाता में पूरी करने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। 1933 में ताराचंद मुंबई आए और पहली नौकरी मोती महल थिएटर्स नाम की डिस्ट्रीब्यूशन में की। तब 85 रुपये महीना पाने वाले ताराचंद का करियर तब बदला जब छह साल के भीतर ही कंपनी ने उन्हें जीएम बनाकर मद्रास भेज दिया। उन्हें साउथ की फिल्मों के नेशनल राइट्स खरीदने वाला पहला फिल्मेकर माना जाता है और, यहीं से राजश्री पिक्चर्स की नींव पड़ी।
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tarachand barjatya - फोटो : amar ujala
राजश्री से राजश्री तक 
15 अगस्त 1947 को जिस दिन देश आजाद हुआ, उसी दिन ताराचंद दूसरों की नौकरी से मुक्त हुए। इसी दिन उन्होंने अपनी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी खोली राजश्री पिक्चर्स और पहली फिल्म खरीदी 'चंद्रलेखा' जो सुपरहिट साबित हुई। ताराचंद ने कई शहरों में सिनेमा हॉल बनवाए और भारत के तमाम ऐसे शहरों में अपने दफ्तर खोले, जहां जाकर बिजनेस करना किसी फिल्म प्रोड्यूसर ने सोचा भी नहीं होगा। राजश्री पिक्चर्स के पैर जम गए तो ताराचंद बड़जात्या ने 1962 में फिल्म 'आरती' के जरिए फिल्म प्रोडक्शन शुरू किया और प्रोडक्शन हाउस का नाम रखा, राजश्री प्रोडक्शंस। इस कंपनी ने दोस्ती, जीवन-मृत्यु, उपहार, पिया का घर, सौदागर, गीत गाता चल, तपस्या, चितचोर, दुल्हन वही जो पिया मन भाए, अंखियों के झरोखे से, तराना, सावन को आने दो, नदिया के पार, सारांश जैसी सुपर-डुपर हिट फिल्में बनाईं।

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Salman and Sooraj Barjatya
राजश्री के सुपर सितारे
ताराचंद बड़जात्या ने नए कलाकारों और संगीतकारों को हमेशा प्रमोट किया। राखी, जया भादुड़ी, सारिका, रंजीता, रामेश्वरी, सचिन, अनुपम खेर, अरुण गोविल, माधुरी दीक्षित, सत्येन बोस, बासु चटर्जी, सुधेन्दु राय, लेख टंडन, हीरेन नाग, रवींद्र जैन, बप्पी लाहिड़ी, उषा खन्ना, येसुदास, हेमलता, सुरेश वाडेकर, शैलेन्द्र सिंह, कविता कृष्णमूर्ति, अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण और अलका याज्ञनिक को पहला ब्रेक ताराचंद ने ही दिया। मिथुन चक्रवर्ती राजश्री की फिल्मों से ही सुपरस्टार बने।
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rajkumar barjatya - फोटो : social media
बेटों ने संभाली राजश्री
1992 में ताराचंद बड़जात्या के निधन के बाद इस कंपनी को उनके बेटों राजकुमार, कमल कुमार और अजित कुमार ने संभाला। इन तीनों ने फिल्म निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन का काम तो संभाल लिया लेकिन फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में किसी ने कदम नहीं रखा लेकिन इनमें से किसी ने कभी निर्देशन की बात भी नहीं सोची। निधन से पहले ही ताराचंद अपने पोते सूरज बड़जात्या को भी लांच कर चुके थे। सूरज को अपने इस फैसले में अपने बाबा का ही सबसे ज्यादा साथ और सहारा मिला। सूरज ने सलमान खान को लेकर 'मैंने प्यार किया' बनाई और सिनेमा में संस्कार का सूरज बनकर चमके।
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hum aapke hain koun
राजकुमार बड़जात्या
बॉलीवुड को कई फेमस फिल्म देने वाले फिल्म प्रोड्यूसर राजकुमार बड़जात्या का गुरुवार को एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में निधन हो गया। बेस्ट फिल्म के लिए तमाम राष्ट्रीय-अतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके राज कुमार का जन्म 14 मई 1941 को मुंबई में हुआ था। राज कुमार ने राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले 'दोस्ती', 'नदिया के पार', 'मैने प्यार किया', 'हम आपके हैं कौन' जैसी कई सुपरहिट बनाईं। राज कुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या हैं।
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amrita rao
कमल कुमार बड़जात्या
कमल कुमार बड़जात्या ने अपने दोनों भाइयों और पिता के साथ फिल्म निर्माण का काम किया है। कमल कुमार ने जाना-पहचाना (2011), लव यू मिस्टर (2011), एक विवाह ऐसा भी (2008), विवाह (2006) फिल्में बनाई हैं। कमल राजश्री प्रोडक्शन के डिजिटल सेक्शन को भी देखते हैं। फैमिली वैल्यूज से बड़जात्या परिवार को इतनी मोहब्बत है कि एक बड़े डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वे वेब शो बना रहे हैं। 

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prem ratan dhan payo
अजीत कुमार बड़जात्या
अजीत कुमार बड़जात्या 40 सालों से सक्रिय फिल्म निर्माता हैं। एक विवाह ऐसा भी, प्रेम रतन धन पायो को बनाने में अजीत का बड़ा योगदान है। अजीत ने कमल और राजकुमार के साथ 23 से ज्यादा फिल्में बनाई हैं।
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prem ratan dhan payo
अवनीश बड़जात्या
फिल्म निर्माण में बड़जात्या परिवार का एक और चिराग इसी साल अपनी रोशनी फैलाने को तैयार है। सूरज बड़जात्या के बेटे अवनीश बड़जात्या ने अपनी फिल्म की कहानी तैयार कर ली है। दादा राजकुमार बड़जात्या ने पोते की स्क्रिप्ट सुनी और उसे फिल्म बनाने को प्रेरित किया था। ऐसा कहा जा रहा है कि अवनीश की फिल्म में सलमान खान एक नए अवतार में देखे जा सकेंगे।  
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