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Sonu Sood: लोगों की मदद करके मनाएं आजादी का महापर्व, समस्याएं आपके आस-पास ही हैं, बस देखने का नजरिया चाहिए

Tue, 09 Aug 2022 09:00 AM IST
वर्तिका तोलानी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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सोनू सूद - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

स्वतंत्रता दिवस नजदीक आ रहा है, यह  एक ऐसा दिन है, जिस दिन पूरा देश आजादी के पर्व में डूबा रहता है। यह बहुत महत्वपूर्ण दिन होता है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं होता है कि हम देश प्रेम की जज्बा साल में सिर्फ ऐसे मौकों पर ही दिखाएं। सोनू सूद कहते है,  'मेरे लिए आजादी का पर्व हर दिन है। मेरे लिए आजादी तब होती है, जब एक हिंदुस्तानी दूसरे हिंदुस्तानी पर गर्व महसूस कर सके। हम एक दूसरे से मदद की उम्मीद कर सके। हर हिंदुस्तानी एक दूसरे से उम्मीद कर सके कि ये मेरी जिंदगी बदल सकता है। मेरी जिंदगी में कुछ बदलाव ला सकता है।'

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सोनू सूद - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

किसी की जिंदगी बदलकर मनाएं आजादी का महापर्व
आजादी के सही मायने को लेकर सोनू सूद कहते है, 'जब आप किसी की मदद करने के लिए आजाद हो, आप आजाद हो किसी से  मदद मांगने के लिए, असल में सही मायने में यही आजादी है। मैं सभी लोगों से यही कहना चाहता हूं कि इस आजादी के पर्व को किसी की जिंदगी बदलकर मनाए। किसी बच्चे को आगे बढ़ाकर, तो किसी का इलाज करके, किसी की सर्जरी कराके, किसी को नौकरी दिलाके, आजादी के पर्व को मनाएं। ऐसा लगे कि मैंने एक हिंदुस्तान का नागरिक होने के नाते यह किया है। जब आप किसी की मदद करते है तो उससे आपको इतनी खुशी मिलती है, जितनी खुशी जिंदगी में कभी किसी काम को करने से नहीं मिली होगी।'

 
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सोनू सूद - फोटो : सोशल मीडिया

घर से मिली मदद करने की प्रेरणा 
बचपन में सोनू सूद के घर का ऐसा माहौल था, जिसे देखकर उन्हें लोगो को मदद करने की प्रेरणा मिली है। सोनू सूद कहते है, 'हम घर में बचपन से देखते आए हैं कि मेरी मां ताउम्र बच्चों को फ्री में पढ़ाती थीं। पिता जी ताउम्र लंगर खिलाते थे। लोग खुशी से खाना खाकर जाते थे, हम उस माहौल में पले बढ़े हैं। उस समय हमें नहीं पता था कि उसके क्या मायने है? लोगों को खाना मिलता था, खाना खा कर खुशी  से जाते थे, तो मुझे वह सब देखकर बहुत खुशी होती थी। जब बच्चे पढ़कर पास होकर मम्मी को थैंक यू बोलने आते थे तो यह सब देखकर बहुत अच्छा लगता था। मुझे 18 साल में एक्टिंग करके उतनी खुशी नहीं मिली, जितनी खुशी पिछले दो साल में मिली है। मेरे माता पिता आज जहां भी होंगे अच्छा महसूस कर रहे होंगे कि जिस रास्ते को उन्होंने चुना, मैं भी उसी रास्ते पर हूं।'

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सोनू सूद - फोटो : social media

समस्या का इन्तजार न करें 
सोनू सूद के मुताबिक अगर आपके अंदर किसी को मदद करने जज्बा हो तो उसके लिए समस्या का इंतजार नहीं करें। वह कहते है,  'मदद के लिए समस्या का इंतजार मत करो, आपके आस आप भी बहुत सारी समस्याएं है। जरूरी है कि आप उसे कितना देख पाते हो। जब आप लोगो की मदद करना शुरू करेंगे तो लोग खुद आपके पास चलकर आएंगे। अगर लोग आपके दरवाजे पर मदद की उम्मीद लगाकर खड़े है, तो इसका मतलब यह कि यहां लोगों को मदद मिल रही है। हो सकता है कि शुरू में आपको थोड़ी परेशानी हो। मुझे भी निशाना बनाया गया। बहुत सारी मुश्किलें भी आईं, मेरी माता जी कहा करती थी कि अगर अगर रास्ते में स्पीड ब्रेकर आए तो समझ लेना चाहिए कि सही रास्ते पर जा रहे हो। मुश्किलें उसी रास्ते पर आएंगी जो रास्ता मंजिल की ओर बढ़ेगा।' 

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सोनू सूद - फोटो : Instagram
मदद करने के लिए कामयाब होना जरुरी नहीं 
अक्सर लोग सोचते है कि हम इस काबिल नही कि दूसरों की मदद कर सकें। सोनू सूद कहते हैं, 'ऐसा नहीं है कि आप कामयाब होने के बाद ही किसी की मदद कर सकते हैं। आप इस समय का इन्तजार मत करो कि आप मशहूर हो जाएंगे और आप के पास पैसे आ जाएंगे तब आप दूसरों की मदद कर सकते हैं। आप जिस स्थिति में हैं, उसी स्थिति में अपने हिसाब से मदद कर सकते है। आप कितने भी कमजोर क्यों न हो, एक कड़ी बनकर आप मदद कर सकते हैं। मेरे यहां पिछले 17 साल से जो दूधवाला आता है, उसने कई लोगों की जान बचाई है। ये सबसे बड़ा उदाहरण है कि मदद करने के लिए आपको कामयाब या पैसे होने वाला जरूरी नहीं है।'  
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