सोनू सूद
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सोनू ने कहा, "ये मेरे लिए एक बेहद भावुक सफ़र रहा है। सड़कों पर पैदल चलकर अपने घर जाते मजदूरों को देखकर मुझे बहुत कष्ट होता है। मैं तब तक उन्हें घर पहुंचाने में मदद करता रहूंगा जब तक आखिरी मज़दूर अपने परिवार से न मिल जाए।" 46 वर्षीय सोनू सूद ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों के मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की है। इससे पहले उन्होंने पंजाब के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 1,500 पीपीई किट भी दान किया था। इतना ही नहीं उन्होंने मुंबई का अपना होटल स्वास्थ्यकर्मियों को रहने के लिए भी दिया है।