सोनाली बेंद्रे
सोनाली लिखती हैं, 'मेरा सूरज, मेरा चंदा, मेरा तारा और मेरा पूरा आसमान । हो सकता है मैं थोड़ी मेलोड्रमैटिक हो गई हूं लेकिन अपने 13वें जन्मदिन पर तुम इसके हकदार हो । अब तुम युवा हो गए हो । इस बात को मानने में मेरे दिमाग को थोड़ा समय लगेगा । मैं तुम्हें नहीं बता सकती कि मुझे तुम पर कितना गर्व है ।'