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'सेक्रेड गेम्स 2' के भीड़ हिंसा वाले सीन की हुई आलोचना, बचाव में आए निर्देशक को ऐसे देनी पड़ी सफाई

Sun, 25 Aug 2019 10:37 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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sacred games 2 - फोटो : social media
इन दिनों स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' का सीजन 2 काफी चर्चा में है। बीते 15 अगस्त को रिलीज हुए दूसरे सीजन की दर्शकों सहित फिल्म समीक्षकों ने भी काफी तारीफ की है, लेकिन सीरीज के कुछ सीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे है। सैफ अली खान के कड़े वाले सीन के बाद अब सीरीज के एक और सीन की काफी आलोचना हो रही है। 
 
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सेक्रेड गेम्स - फोटो : सोशल मीडिया
'सेक्रेड गेम्स 2' के एक सीन में भीड़ हिंसा (mob-lynching) को दिखाया गया है। जिसको क्रिकेट के मैदान में हुए एक छोटे से विवाद के साथ जोड़ा गया है। भीड़ हिंसा के इस सीन को देखने के बाद एक सोशल मीडिया यूजर ने इसकी तुलना बॉलीवुड फिल्मों में होने वाले आइटम नंबर से कर दी। इतना ही नहीं यूजर ने सीरीज में ऐसा सीन डालने के लिए 'सेक्रेड गेम्स 2' के मेकर्स का मजाक भी बनाया, जिसके बाद मेकर्स को आगे आकर जवाब देना पड़ा है। 

पढ़ें: पारले जी से लेकर स्वीगी तक ने 'सेक्रेड गेम्स 2' पर किए ट्वीट, 'काली चाय' पर ऐसे लिए मजे
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सेक्रेड गेम्स - फोटो : सोशल मीडिया
'सेक्रेड गेम्स 2' का निर्देशन अनुराग कश्यप और नीरज घायवान ने किया है। मशहूर ट्विटर हैंडल गब्बर सिंह ने सीरीज के भीड़ हिंसा वाले सीन की आलोचना करते हुए ट्वीट किया- 'अन्य निर्देशक अपनी फिल्मों में आइटम नंबर डालते हैं जिसका कहानी से कोई लेना-देना नहीं होता और अनुराग कश्यप अपनी सीरीज में भीड़ हिंसा का सीन डालते हैं जिसका भी कहानी से कोई मतलब नहीं है।' यूजर के इस कमेंट के बाद नीरज घायवान ने जवाब देते हुए ट्विट में लिखा- 'जब सच में कहीं भीड़ हिंसा होती है तो आपके पास एक भी ट्वीट करने की हिम्मत नहीं होती है। अब आप सीरीज की कहानी ना समझने की अपनी कमी को छिपाने के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर इसकी तुलना आइटम नंबर से कर रहे हैं। ये आश्चर्यजनक है।' 
 


 

 

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Sacred Games - फोटो : Netflix
अपने दूसरे ट्वीट में नीरज ने लिखा- 'सीरीज में भीड़ हिंसा के सीन का निर्देशन मैंने किया है। निश्चित तौर पर आप कह सकते हैं कि आपको काम पसंद नहीं आया या फिर आप समझ नहीं पाए। आपको यह अंदाजा नहीं है कि अपने असली नाम के साथ इस तरह की चीजों को करना कितना मुश्किल है और, जब आप आइटम नंबर जैसी ओछी चीजों से तुलना कर इसकी आलोचना करते हैं तो बहुत दर्द होता है।' 
 

 

 
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सेक्रेड गेम्स - फोटो : सोशल मीडिया
नीरज घायवान की इन बातों का जवाब देते हुए सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- 'मैं उन सभी प्रयासों की तारीफ करता हूं, जो आपने किए हैं। मैं दर्द को भी समझता हूं, अगर आपको लगता है कि आलोचना अनुचित है, तो यह किसी के बच्चे को गाली देने जैसा है, लेकिन मुझे भीड़ हिंसा का समर्थन होने या 'साहसी' न होने का आरोप लगाकर आपने बात शुरू की, इससे भी दुख होता है।' आपको बता दें कि नीरज घायवान और यूजर गब्बर सिंह के ये ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। 

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