milind soman
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उन्होंने कहा, "मैं मुंबई के शिवाजी पार्क में पला बढ़ा, जहां पर कई बच्चे आरएसएस की शाखा में शामिल थे। मेरे पिता भी शाखा में जाया करते थे लेकिन राजनीति में न तो मैं शामिल था न ही मेरे पिता।" "मैं उस वक्त करीब 9 साल का था और वहीं हम खेल कूद में हिस्सा लेते और अनुशासन में रहना सीखते थे। मैं दो-तीन कैंपों में भी गया जहां मेरी तरह हज़ारों बच्चे आते थे। वहां पर हमें बताया जाता था कि अच्छे नागरिक कैसे बनें, आत्मनिर्भर कैसे बनें। इन बात से मैं आज भी इत्तेफाक रखता हूं।" "हो सकता है कि आरएसएस उस वक्त राजनीतिक नहीं थी। लेकिन मैं जिस वक्त शाखा में गया और लोगों से मिला मुझे उनमें राजनीति नहीं दिखी। हो सकता है कि वक्त के साथ बाद में ये राजनीतिक हो गई।"