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Smita Patil: न जमाने की सुनी, न सुनी घरवालों की, मोहब्बत की इस बागी ने लिखी अनोखी प्रेम कहानी

Sat, 17 Oct 2020 02:55 PM IST
anand anand अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अभिनेता धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर ने कभी अपने पति की दूसरी शादी का बचाव करते हुए कहा था कि यह दौर ही ऐसा है जब सब बड़े अभिनेता अपनी पहली पत्नियों को छोड़कर दूसरी और तीसरी शादियां कर रहे हैं। इसमें उनके पति का क्या दोष? दोष इसीलिए कभी किसी ने राज बब्बर को भी नहीं दिया। उनकी दूसरी प्रेम कहानी का अंत दुखद रहा। निशानी के तौर पर एक बेटा तो मिला लेकिन प्रेम साथ नहीं रहा। चलिए शुरू से आपको सुनाते हैं, स्मिता पाटिल और राज बब्बर की ये अनोखी प्रेम कहानी।
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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : file photo
राज बब्बर की पहली शादी
अभिनेता राज बब्बर ने पहली शादी नादिरा जहीर से की। ये दोनों एक साथ नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के छात्र थे। नादिरा राज बब्बर की सीनियर थीं। नाटक लिखने और निर्देशित करने का काम करती थीं। राज बब्बर नए-नए आए थे। जब उन्हें नादिरा की एक नाटक में काम करने का मौका मिला तो यहीं से इन दोनों के बीच प्यार का बीज पनप गया। आगे चलकर यह प्रेम कहानी शादी में तब्दील हो गई। वर्ष 1975 में नादिरा जहीर का नाम नादिरा बब्बर हो गया।
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स्मिता पाटिल - फोटो : twitter:@VazeIndian
मुंबई आकर मेरी दूसरी खुशी
शादी के बाद राज और नादिरा दिल्ली में ही रहते थे। जब इनके यहां एक बेटी जूही बब्बर ने जन्म लिया तो राज की जिम्मेदारी बढ़ गई। अब उन्हें ऐसे काम की तलाश थी जो उन्हें पैसा भी दे सके। उन्होंने अपने अभिनय करियर को आगे बढ़ाने का फैसला लिया और मुंबई चले आए। आने से पहले उन्होंने नादिरा को अपना स्कूटर बेचकर छह हजार रुपये थमाए। जिससे कि वह अपना खर्चा चला सकें। मुंबई आने के बाद अभिनय में राज का करियर चल पड़ा और उन्होंने अपने परिवार को भी मुंबई बुला लिया। यहीं आकर आर्य बब्बर का जन्म हुआ।

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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : file photo
राज और स्मिता की पहली मुलाकात
राज बब्बर की स्मिता पाटिल से पहली मुलाकात वर्ष 1982 में आई फिल्म 'भीगी पलकें' के सेट पर हुई। इस फिल्म में ये दोनों ही कलाकार मुख्य भूमिकाओं में रहे। पहली मुलाकात बहुत खास नहीं थी। एक इंटरव्यू में खुद राज बब्बर ने बताया है कि उस समय इस फिल्म की शूटिंग उड़ीसा के राउरकेला में चल रही थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उनकी पहली मुलाकात स्मिता से हुई। इस मुलाकात के दौरान ही इन दोनों में पहले कुछ हंसी मजाक हुआ और फिर बाद में थोड़ी सी तकरार हो गई। हालांकि, राज बब्बर को स्मिता की जुबान से निकले हुए शब्द काफी पसंद आए। वह उसी वक्त स्मिता पर फिदा हो गए थे।
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राजेश खन्ना, स्मिता पाटिल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
राज से मिलने से पहले ही मशहूर थीं स्मिता
राज बब्बर के स्मिता की जिंदगी में आने से पहले स्मिता ने काफी फिल्मों में काम कर लिया था। उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म 'चरणदास चोर' से शुरुआत की और 1977 में आई फिल्म 'भूमिका' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार में नामांकन पाया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1981 में आई फिल्म 'चक्र' के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार पाया। साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता। 'नमक हलाल', 'बाजार', 'अर्थ' जैसी फिल्में भी उनके राज से मिलने से पहले ही रिलीज हो चुकी थीं। उस समय राज बब्बर जितने बड़े अभिनेता थे, उतना ही नाम इस इंडस्ट्री में स्मिता पाटिल का भी हो चुका था।
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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एक दूसरे के प्यार में डूबे राज और स्मिता
स्मिता ने राज बब्बर के साथ भी कई फिल्मों में काम किया लेकिन कोई भी फिल्म बहुत बड़ी हिट साबित नहीं हो सकी। उनकी पहली फिल्म 'भीगी पलकें' रही जिससे इन दोनों के बीच एक आकर्षण पैदा हो गया। यहीं से शुरू हो गई थी इन दोनों के बीच की प्रेम कहानी। राज और स्मिता सेट पर तो समय बिताते ही थे, इसके अलावा भी वह एक दूसरे के साथ समय बिताने के लिए अलग से वक्त निकालते। इन दोनों के मेल मिलाप की चर्चाएं अब मैगजीन्स की सुर्खियां बनने लगी थीं। और, धीरे-धीरे करके यह बात पहुंची राज बब्बर की पहली पत्नी नादिरा बब्बर के पास।
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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
नादिरा को सुनाई अपने प्यार की सच्चाई
नादिरा को जब राज और स्मिता की प्रेम कहानी के बारे में पता चला तो पहले उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। राज और नादिरा ने भी प्रेम विवाह किया था इसलिए नादिरा को इन खबरों पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल था। लेकिन, फिर भी नादिरा के मन में शक का एक बीज तो पनप ही गया था। उन्हें यह बात जाननी थी कि इन खबरों में सच्चाई है या नहीं। उन्होंने आव देखा न ताव और सीधे राज बब्बर से ही इन खबरों के बारे में पूछ डाला। राज बब्बर उन दिनों में स्मिता के प्यार में थे। इसलिए, उन्हें सच बोलने से कोई डर नहीं लगा। उन्होंने बता दिया कि वह स्मिता से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं। स्मिता भी उनसे उतना ही प्यार करती हैं।

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स्मिता पाटिल - फोटो : File Pic
रंगमंच और बच्चों ने संभाला नादिरा का जीवन
राज की इस प्रेम कहानी ने नादिरा को तोड़ कर रख दिया। वह दो बच्चों की मां थीं और नादिरा को बिल्कुल भी यकीन नहीं था कि राज ऐसा भी कर सकते हैं। वर्ष 2013 में दिए एक इंटरव्यू के दौरान नादिरा ने कहा था कि जब उन्होंने राज बब्बर के मुंह से उनकी दूसरी प्रेम कहानी की बात सुनी तो वह हैरान रह गईं। हालांकि उन्होंने अपने आप को संभाला क्योंकि उनके दो बच्चे भी थे। अगर मां की ही जिंदगी बिखर जाती तो फिर बच्चों का क्या होता है? इसके बाद नादिरा अपने बच्चों में और अपनी रंगमंच की दुनिया में बेहद व्यस्त हो गई। हालांकि उन्होंने राज को अपने से कभी अलग नहीं किया।

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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : file photo
बागी स्मिता ने की राज से शादी
जब राज और नादिरा अलग हो गए तो राज ने स्मिता से शादी करने की ठान ली। हालांकि यह इतना आसान भी नहीं था। राज अपनी तरफ से भले ही शादी के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके थे लेकिन स्मिता के परिजन इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। राज पहले से शादीशुदा थे और दो बच्चों के पिता भी थे। इसलिए स्मिता के घरवालों का कहना था कि वह अपनी बेटी का हाथ किसी भी शादीशुदा मर्द के हाथ में नहीं दे सकते। लेकिन, स्मिता भी राज बब्बर से उतना ही प्यार करती थीं इसलिए उन्होंने घरवालों की एक न सुनी और राज बब्बर से शादी करने का फैसला कर लिया। वैसे भी स्मिता अपने किरदारों को खुद ही चुनती थीं तो उन्होंने अपनी जिंदगी का फैसला भी खुद ही लिया।

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स्मिता पाटिल, राज बब्बर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दुखद रहा प्रेम कहानी का अंत
शादी के बाद स्मिता गर्भवती हुईं और 13 दिसंबर 1986 को उन्होंने अपने एक बेटे को जन्म दिया। उसका नाम प्रतीक रखा गया। प्रसव के दौरान स्मिता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जन्म के वक्त हुईं कई जटिलताओं की वजह से स्मिता काफी बीमार रहने लगी थीं और किसी से ठीक से बात भी नहीं कर पाती थीं। उस समय स्मिता मात्र 31 साल की थीं और यह उनका मां बनने का पहला मौका था। इससे पहले कि स्मिता ज्यादा कुछ समझ पातीं, अपने बच्चे के जन्म के 15 दिन बाद ही उन्होंने इस दुनिया से विदा ले ली।
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प्रतीक बब्बर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
नाना नानी का प्रतीक
स्मिता के जाने का राज बब्बर को गहरा सदमा लगा। वह टूट चुके थे और उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें? ऐसे में फिर से उन्हें नादिरा का ही साथ मिला। नादिरा ने न सिर्फ राज बब्बर को संभाला, बल्कि उनके बेटे प्रतीक को भी अपना बेटा समझा। हालांकि राज बब्बर की पहली पत्नी पर स्मिता के परिवारीजनों को भरोसा नहीं था इसलिए उन्होंने प्रतीक को अपने पास ही रखा। प्रतीक ने अपने नाना और नानी के साथ ही अपना बचपन बिताया।

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