सोना महापात्रा और लता जी
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हालांकि दिवंगत गायिक के योगदान को मापा नहीं जा सकता, लेकिन महापात्र को लगता है कि उन्हें निश्चित रूप से संरक्षित किया जा सकता है। “लताजी हमें आने वाले कई जन्मों तक प्रेरित करती रहेंगी। मुझे लगता है कि यह न केवल हमारे लिए उनके निधन पर शोक व्यक्त करने का अवसर है, बल्कि (एक मौका भी) एक स्पष्ट संदेश देने का है, 'हमें उनके संगीत को खराब होने से बचाने के लिए उनकी विरासत को संग्रहीत करने के लिए एक ठोस प्रयास करना चाहिए'। बहुत कुछ करने की जरूरत है क्योंकि लताजी की 36,000 से अधिक गीतों की विरासत को सभी भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए। क्योंकि उनके हर गाने से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है।”