एक बहन तो दिनोंदिन सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही थी वहीं दूसरी बहन फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रही थी। यहां बात हो रही है डिंपल कपाड़िया की बहन सिंपल कपाड़िया की।
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सिंपल कपाड़िया
80 और 90 के दशक में सिंपल कपाड़िया हिंदी फिल्मों में सक्रिय थीं। उन्होंने 1987 में आई फिल्म 'इंसाफ' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कुछ और फिल्मों में काम किया लेकिन इनमें उनका रोल सेकेंड्री ही रहा। 10 साल तक के एक्टिंग करियर में लगातार जद्दोजहद के बाद भी सिंपल कपाड़िया अपनी बहन डिंपल कपाड़िया जैसी शोहरत नहीं बटोर पाईं।
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सिंपल कपाड़िया
इसके बाद एक्टिंग छोड़ सिंपल कपाड़िया ने डिजाइनिंग का रुख कर लिया और कॉस्ट्यूम डिजाइनर बन गईं। उन्होंने 'रुदाली', 'रोक सको तो रोक लो', 'शहीद' जैसी कई फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन की। 'रुदाली' के लिए सिंपल को नेशनल अवॉर्ड भी मिला।
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सिंपल कपाड़िया
फिल्मों के अलावा सिंपल कपाड़िया ने तबू, प्रियंका चोपड़ा और श्रीदेवी जैसी हीरोइनों के लिए भी फिल्मों में कपड़े डिजाइन किए।
एक डिजाइनर के तौर पर सिंपल का करियर चमक गया और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
ना जाने किस्मत को ना जाने क्या मंजूर था। सफलता ने सिंपल कपाड़िया के कदम चूमने ही शुरु किए थे कि अचानक ही उन्हें पता चला कि वो कैंसर की गिरफ्त में हैं और फिर एक दिन सिंपल कपाड़िया इस दुनिया से चल बसीं। आज अगर वो जिंदा होतीं तो फैशन जगत में राज कर रही होतीं।