शत्रुघ्न सिन्हा
आगे शत्रुघ्न कहते हैं, 'जब वो ग्रुपिज्म का शिकार हो रहे थे तो उस समय उनकी हौसला अफजाई क्यों नहीं की। उनके लिए उस वक्त बयान क्यों नहीं दिया? सुशांत सिंह राजपूत के साथ कदम से कदम मिलाकर या कंधे से कंधा मिलाकर आगे चलने की बात क्यों नहीं की? आज कर रहे हैं, ठीक है मैं मानता हूं कि मामला लॉजिकल कंक्लूजन पर आए। साथ साथ ये भी तो लगता है मुझे कि अब हमारे परिवार का बच्चा आज हमारे बीच नहीं है। आज सब कुछ उसके लिए हो रहा है लेकिन जिसके लिए ये सब हो रहा है वो हमारे बीच नहीं है।'