वास्तविक्ता
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वास्तविकता अपने साथ इस तरह के व्यवहार से काफी दुखी थीं। दस सालों के कड़े संघर्ष के बाद भी वास्तविकता बॉलीवुड में अपनी जगह नहीं बना पाईं, गनीमत है कि वो डिप्रेशन में नहीं गईं और ना ही कोई गलत कदम उठाया, लेकिन ना जानें क्यों वो अजीब सा बर्ताव करने लगीं थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वास्तविकता का ऐसा रवैया शायद उनके बचपन की वजह से था। दरअसल राज कुमार अपने बच्चों को लेकर काफी प्रोटेक्टिव थे। वो उन्हें घर से बाहर तक नहीं निकलने देते थे। कहा जाता है कि जब तक वो जिंदा रहे तब तक उन्होंने इसी बात की कोशिश की कि उनकी बेटी फिल्मों में काम ना करे।
जानकारों के मुताबिक, पहली बार जब राजकुमार किसी इवेंट में वास्तविकता को लेकर गए वो उनके बेटे पुरू की डेब्यू फिल्म थी 'बाल ब्रहमचारी', लेकिन आज वास्तविकता पंडित कहां हैं और किस हाल में हैं इसकी कोई जानकारी नहीं है।