अरुण चावला
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वहीं, भारतीय वाणिज्य और उद्योग परिसंघ (फिक्की) के महानिदेशक अरुण चावला ने कहा कि ऐसी और किताबों की जरूरत है। यह किताब हमें उन कहानियों तक ले जाएगी जो अब तक नहीं सुनी गई। अपनी किताब पर हुई चर्चा के दौरान लेखक अजित राय ने कहा कि हिंदुजा बंधुओं को सिनेमा का बिजनेस अभी कुछ साल तक किसी न किसी रूप में जारी रखना चाहिए था। भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में ले जाने के अपने उपक्रमों का दस्तावेजीकरण करना चाहिए था जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती।