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SD Burman: फुटबॉल टीम के हारने पर बनाते थे दुख वाले गीत, कंजूसी इतनी कि चप्पल चोरी के डर से अपनाते थे ये उपाय

Sat, 01 Oct 2022 07:33 AM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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एसडी बर्मन - फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी फिल्म इंटस्ट्री के संगीत जगत में कई गायकों का योगदान रहा है। लेकिन कुछ सितारों ऐसी छाप छोड़ी कि जमाने बदल गए, पर उनकी छाप को कोई न मिटा सका। ऐसे ही एक संगीतकार थे सचिन देव बर्मन। सचिन देव बर्मन को लोग आज भी एसडी बर्मन के नाम से जानते हैं। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को कोई खारिज नहीं कर सकता है। हिंदी फिल्मों में संगीत को उन्होंने नया मुकाम दिया। 100 से ज्यादा फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर एसडी बर्मन साहब ने लता मंगेशकर से लेकर मोहम्मद रफी, किशोर कुमार से लेकर मुकेश तक हर किसी के करियर को सातवें आसमान पर पहुंचाया। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं-
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एसडी बर्मन - फोटो : सोशल मीडिया
बंगाल प्रेजिडेंसी में 1 अक्टूबर 1906 को पैदा हुए एसडी बर्मन की मां का नाम राजकुमारी निर्मला देवी था। वह मणिपुर की राजकुमारी थीं, जबकि उनके पिता एमआरएन देव बर्मन त्रिपुरा के महाराज के बेटे थे। सचिन देव बर्मन 9 भाई-बहन थे। पांच भाइयों में वह सबसे छोटे थे। राजघराने से ताल्लुक रखने के बावजूद सचिन देव बर्मन के कंजूसी के किस्से पूरी इंडस्ट्री में मशहूर हैं। एसडी बर्मन खर्च नहीं करते थे। इसलिए उन्हें इंडस्ट्री में बहुत से लोग कंजूस कहते थे। 
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एसडी बर्मन, आरडी बर्मन और लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया
एसडी बर्मन को खाने-पीने का बहुत शौक था। फुटबॉल उन्हें बहुत पसंद था। बताया जाता है कि एक बार जब मोहन बगान की टीम हार गई तो उन्होंने गुरुदत्त से कहा कि आज वह खुशी का गीत नहीं बना सकते हैं। कोई दुख वाला गीत है तो बनवा लो। हिंदी फिल्मों में बेहतरीन संगीत देने वाले एसडी बर्मन ने म्यूजिक इंडस्ट्री में सितारवादन के साथ कदम रखा था। कोलकाता यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद वह 1932 में कलकत्ता रेडियो स्टेशन पर गायक के तौर जुड़े थे।
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एसडी बर्मन - फोटो : सोशल मीडिया
एसडी बर्मन की कंजूसी के किस्सों के बारे में उनके बेटे आर डी बर्मन ने बायोग्राफी में खगेश देव बर्मन ने लिखा है। उसी में से एक किस्सा है चप्पल का। दरअसल जब भी एसडी बर्मन मंदिर जाते थे तो वह कभी भी दोनों चप्पल एकसाथ नहीं उतारते थे। इसके बारे में जब उनसे पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि आजकल शहर में चप्पल चोरी की वारदात बढ़ गई है। तब उनके दोस्त ने पूछा कि अगर चोर ने दोनों चप्पलें खोज लीं तो? ऐसे में उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि यदि चोर इतनी चप्पलों में से दोनों चप्पलें खोज निकालता है, तो सच में वह इसका हकदार है। 
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