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अब बड़े पर्दे पर पेश की जाने वाली इस कहानी के जरिए दर्शकों को ये बताने की कोशिश होगी कि तमाम छोटी-छोटी रियासतों को एक कर भारतीय संघ बनाने में उस समय के रक्षा मंत्री का कितना बड़ा हाथ रहा। बंटवारे के बाद करीब एक करोड़ लोगों को पाकिस्तान से भारत लाने, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने और उनके गुजर बसर लायक इंतजाम करने में भारतीय सेना ने जो भूमिका निभाईए उसी की कहानी है ये फिल्म, जिसका नाम सरदार रखने की बात कही जा रही है।