कर्मा गाना लॉन्च
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जिस तरह से अंग्रेजी भाषा को आज के युवा अपना रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब अंग्रेजी भाषा कॉमन भाषा हो जाएगी। सुभाष घई कहते हैं, 'जब हम अपनी मातृ भाषा हिंदी, मराठी, बांग्ला में बात करते हैं और किसी सामने वाले को अंग्रेजी में बात करते देखते हैं तो हमारा ध्यान तुरंत उसकी तरफ चला जाता है, क्योंकि वह अंग्रेजी बोलता है। आज के 40 साल के बाद तो एक आम मजदूर भी अंग्रेजी में बात करेगा। तब यह कॉमन भाषा हो जाएगी, फिर जो संस्कृत में बात करेगा। उसकी तरफ सब देखेंगे कि बड़ा बुद्धिमान व्यक्ति है।'