coolie no 1
कामयाब फ़िल्मों का सिलसिला...
वैसे 90 के दशक में फूहड़ता और डबल मीनिंग वाले गानों का आरोप भी उनपर लगा जिनपर आज के दौर पर अच्छा ख़ासा बवाल हो सकता है लेकिन ये गोविंदा ही थे जो बे सिर पैर वाले डायलॉग को भी अपनी ख़ासियत बना लेते थे -मसलन, "दुनिया मेरा घर है, बस स्टै़ंड मेरा अड्डा, जब मन करे आ जाना, राजू मेरा नाम है और प्यार से मुझे बुलाते हैं कुली नंबर वन।"
या फिर कादर ख़ान के साथ फिल्म 'दूल्हे राजा' में उनकी राजा भोज और गंगू तेली वाली बतकहियां। 'हीरो नंबर वन', 'हसीना मान जाएगी', 'दीवाना मस्ताना', 'कुली नंबर वन', 'साजन चले ससुराल', 'हद करदी आपने', 'शोला और शबनम'- वे 90 के दौर की हिट मशीन थे।
निर्देशक करते थे घंटों इंतजार
निजी ज़िंदगी की बात करें तो गोविंदा ने करियर के शुरुआती दिनों में ही सुनीता से लव मैरिज की। लेकिन एक साल तक उन्होंने इस शादी को छिपाए रखा क्योंकि उन्हें लगता था कि शायद इससे उनकी लोकप्रियता पर असर पड़ेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था।
वैसे गोविंदा अपनी लेट लतिफ़ी के लिए भी जाने जाते हैं और निर्देशक कई बार घंटों इतज़ार किया करते थे। 'पान सिंह तोमर' बनाने वाले तिग्मांशु धूलिया एक बार फ़िल्म शूटिंग के लिए लंदन आए हुए थे। उनसे मुलाक़ात हुई तो उन्होंने बताया कि वे गोविंदा के बड़ै फ़ैन हैं और वो एकमात्र स्टार हैं जिनके साथ काम करने के लिए वे उनके आगे पीछे घूमे।