अभिनेता संजय खान ने भारतीय मनोरंजन जगत में किया है, वहां तक बिरले ही पहुंच पाते हैं। भले अपने अभिनय जीवन में वह बड़े भाई फिरोज खान की बरगद सरीखी शख्सियत की छांव में ज्यादा खिल नहीं पाए लेकिन ‘हकीकत’, ‘दोस्ती’, ‘दस लाख’, ‘एक फूल दो माली’, ‘इंतकाम’, ‘धुंध’ और ‘मेला’ सरीखी फिल्मों ने उनके नाम की भी धूम कम नहीं मचाई। देश में दूरदर्शन आया तो इस पर रामानंद सागर ने ‘रामायण’ बनाई। बी आर चोपड़ा ने ‘महाभारत’ बनाई। और, संजय खान ने बनाया कालजयी धारावाहिक ‘जय हनुमान’। ‘जय हनुमान’ अपने समय का सबसे लोकप्रिय धारावाहिक है। यही नहीं दूरदर्शन का ये इतना बड़ा कमाऊ पूत बना जिसकी चर्चा उस समय की सूचना और प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में की। इस धारावाहिक को बनाने के लिए संजय खान ने दिन-रात सिर्फ मुहावरे में ही नहीं बल्कि हकीकत में एक कर दिए। और, जब एक सुबह गायत्री मंत्र धारावाहिक का संवाद बन गया तो इसके निर्देशन के लिए उन्होंने एक रात में ही इसे भी कंठस्थ कर डाला।