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Jai Hanuman: जब सुषमा स्वराज ने संसद में की संजय खान की तारीफ, शूटिंग से एक दिन पहले कंठस्थ किया गायत्री मंत्र

Tue, 03 Jan 2023 04:31 PM IST
मेघा चौधरी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अभिनेता संजय खान ने भारतीय मनोरंजन जगत में किया है, वहां तक बिरले ही पहुंच पाते हैं। भले अपने अभिनय जीवन में वह बड़े भाई फिरोज खान की बरगद सरीखी शख्सियत की छांव में ज्यादा खिल नहीं पाए लेकिन ‘हकीकत’, ‘दोस्ती’, ‘दस लाख’, ‘एक फूल दो माली’, ‘इंतकाम’, ‘धुंध’ और ‘मेला’ सरीखी फिल्मों ने उनके नाम की भी धूम कम नहीं मचाई। देश में दूरदर्शन आया तो इस पर रामानंद सागर ने ‘रामायण’ बनाई। बी आर चोपड़ा ने ‘महाभारत’ बनाई। और, संजय खान ने बनाया कालजयी धारावाहिक ‘जय हनुमान’। ‘जय हनुमान’ अपने समय का सबसे लोकप्रिय धारावाहिक है। यही नहीं दूरदर्शन का ये इतना बड़ा कमाऊ पूत बना जिसकी चर्चा उस समय की सूचना और प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में की। इस धारावाहिक को बनाने के लिए संजय खान ने दिन-रात सिर्फ मुहावरे में ही नहीं बल्कि हकीकत में एक कर दिए। और, जब एक सुबह गायत्री मंत्र धारावाहिक का संवाद बन गया तो इसके निर्देशन के लिए उन्होंने एक रात में ही इसे भी कंठस्थ कर डाला।
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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
बजरंग बली ने बदल दी किस्मत
लोकप्रिय धारावाहिक ‘जय हनुमान’ का निर्देशन संजय खान ने बाद में अपने सहायक रंजन सिंह को सौंप दिया था। एनएसडी से निकले रंजन और संजय खान की जोड़ी पूरी इंडस्ट्री में मशहूर रही है। इस धारावाहिक के बारे में रंजन से चर्चा चली तो यूं लगा कि वह फिर से पुराने दिनों में खो गए। शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में निर्देशन की बारीकियां सीख चुके रंजन सिंह को ‘जय हनुमान’ का पता चला तो वह संजय से मिलने पहुंच गए। हैरत उनको इस बात की कि एक मुसलमान हिंदुओं के सबसे लोकप्रिय भगवान पर धारावाहिक बना रहा है। रंजन की मानें तो ये हनुमान की ही कृपा रही कि इस धारावाहिक ने उनकी और संजय खान दोनों की किस्मत बदल दी।

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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
निर्देशन के लिए सीखा गायत्री मंत्र
‘जय हनुमान’ के उस चर्चित दृश्य की चर्चा चलने पर रंजन बताते हैं, ‘ये धारावाहिक 'जय हनुमान' के पहले दिन की शूटिंग की बात है। हम लोग एक रोज पहले शाम को बैठकर अगले दिन की तैयारी कर रहे थे। संजय खान साहब ने सीन समझाते हुए बताया कि एक साधु नदी में नहाएगा तो वहां गायत्री मंत्र का पाठ करेगा। तभी वह कुछ देर के लिए रुके और फिर मुझसे कहने लगे कि रंजन मुझे गायत्री मंत्र सिखा दो ताकि जब सुबह मैं इस दृश्य का निर्देशन करूं तो कलाकार को गायत्री मंत्र सस्वर पाठ करके सुना सकूं। एक सच्चे गुरु की पहचान यही कि वह अपने शिष्य से भी सीखने में परहेज नहीं करता। उन्होंने गायत्री मंत्र रात भर में ही कंठस्थ किया और अगले दिन जब वह सीन हुआ तो मौके पर मौजूद सारे लोग अवाक् रह गए।’

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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
राम किंकर सरीखे हो गए संजय खान
दूरदर्शन के लिए 'टीपू सुल्तान' और 'द ग्रेट मराठा' जैसे चर्चित धारावाहिक बनाने वाले संज खान धारावाहिक ‘जय हनुमान’ के निर्माण के समय पूरी तरह सात्विक हो गए थे। उनके करीब के लोग बताते हैं कि इस धारावाहिक को बनाने के बाद संजय खान की शख्सियत में भी काफी बदलाव देखने को मिले। जैसे हनुमान खुद को राम का किंकर (सेवक का सेवक) बताते हैं, वैसे ही संजय खान भी हो गए। अहंकार तो खैर उनमें कभी रहा ही नहीं, और इसके बाद तो वह बिल्कुल साधु सरीखे ही हो गए थे। रंजन बताते हैं कि धारावाहिक ‘जय हनुमान’ में हनुमान उत्सव का भव्य आयोजन उनकी ही कल्पना का परिणाम था।

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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
जयपुर के हनुमान मंदिर में मिली प्रेरणा
धारावाहिक ‘जय हनुमान’ बना भी भगवान हनुमान की प्रेरणा और आशीर्वाद से ही है। बताते हैं कि जयपुर में 'द ग्रेट मराठा' सीरियल की शूटिंग के दौरान वहां स्थित एक बहुत बड़े हनुमान मंदिर में संजय खान एक दिन यूं ही चले गए। मंदिर में गए तो देर तक वहां रुके रहे और जब चलने लगे तो जो कुछ उस समय उनके पास था, वह सब वह वहीं दान कर आए। और, मंदिर की देहरी छूकर हनुमान प्रतिमा से मुखातिब हो बोले, अब अगला धारावाहिक मैं आप पर ही बनाऊंगा। 'द ग्रेट मराठा' की शूटिंग खत्म करके आए और धारावाहिक ‘जय हनुमान’ पर काम शुरू हो गया। तब यह 52 एपिसोड का धारावाहिक बनना था लेकिन इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि ये 184 एपिसोड तक चलता गया।
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धारावाहिक 'जय हनुमान' की शूटिंग पर निर्माता निर्देशक संजय खान - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
27 तक पहुंच गई थी टीआरपी
संजय खान के धारावाहिक ‘जय हनुमान’ ने दूरदर्शन पर लोकप्रियता के कई रिकार्ड तोड़े। उस समय धारावाहिक की टीआरपी 27 तक पहुंच गई थी। तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में घोषणा की थी कि दूरदर्शन को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला धारावाहिक 'जय हनुमान' है। कम लोगों को ही पता होगा कि दूरदर्शन दो तरह के धारावाहिकों का प्रसारण करता है। एक तो वे जिन्हें दूरदर्शन खुद पैसे देकर बनवाता है और वे कमीशंड धारावाहिक कहलाते हैं। दूसरे वे जिन्हें बड़े बड़े निर्माता अपने खर्चे से न सिर्फ बनाते हैं बल्कि उनके प्रसारण की फीस भी दूरदर्शन को देते हैं। धारावाहिक ‘जय हनुमान’ का प्रसारण एक घंटे होता था और उसकी प्रसारण फीस तब 46 लाख रुपये होती थी। लेकिन, इस धारावाहिक के प्रसारण के बीच दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की आय निर्माता को मिलती थी और संजय खान ने ये विज्ञापन समय एक करोड़ तीस लाख रुपये तक का बेचा है।
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