Sanjana Sanghi: अभिनेत्री संजना सांघी ने बताया है कि उनकी बचपन की मेहनत और लगन ने कैसे उन्हें आगे बढ़ने में मदद की। उनके अभ्यास की वजह से वह रणबीर कपूर के सामने आदाकारी कर पाईं।
अभिनेत्री संजना सांघी अपनी अपकमिंग फिल्म 'हिटमैन' को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच उन्होंने अपनी जिंदगी के सफर का जिक्र करते हुए मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत, अनुशासन और अनिश्चितताओं को अपनाने के बारे में बात की। 'रॉकस्टार', 'दिल बेचारा' और 'कड़क सिंह' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं इस अभिनेत्री ने उन अनुभवों के बारे में बताया।
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संजना सांघी
- फोटो : इंस्टाग्राम@sanjanasanghi96
13 साल की उम्र में मिला ऑफर
शुरुआत को याद करते हुए संजना ने बताया कि एक्टिंग उनकी जिंदगी में अचानक आई। उन्होंने कहा, 'जब मैं स्कूल में डांस सीख रही थी, तो मैं सिर्फ इसलिए डांस करती थी क्योंकि मुझे यह पसंद था। मैं एनुअल फंक्शन में परफॉर्म करती थी। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं एक्टिंग करूंगी। जब मैं सिर्फ 13 साल की थी, तब बॉलीवुड के एक बड़े कास्टिंग डायरेक्टर मेरे स्कूल आए और मुझे एक फिल्म में कास्ट किया।'
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संजना सांघी
- फोटो : इंस्टाग्राम@sanjanasanghi96
रणवीर के साथ किया काम
'रॉकस्टार' में एक्टिंग करने को लेकर उन्होंने कहा '13 साल की उम्र में, बिना किसी एक्टिंग अनुभव के भी, भारत के सबसे बड़े मेल स्टार्स में से एक के सामने खुद को मजबूती से पेश कर पाने की वजह वह मेहनत, अनुशासन और विनम्रता थी जो डांस ने मुझमें पैदा की थी।'
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संजना सांघी
- फोटो : इंस्टाग्राम@sanjanasanghi96
क्या चाहते थे मां-बाप?
उन्होंने बताया 'बहुत से भारतीय माता-पिता की तरह, मेरे माता-पिता भी चाहते थे कि मैं हर चीज में बेहतर करूं। जब मैं सात साल की थी, तो मेरे पिता चाहते थे कि मैं कथक सीखूं, जबकि मेरी मां चाहती थीं कि मैं कंटेम्पररी जैज सीखूं। कोई एक न चुन पाने की वजह से, मैंने दोनों ही चीजें सीखीं और स्कूल के बाद हर दिन बारी-बारी से उनका अभ्यास करती रही। शुरू में तो यह बहुत ज्यादा दबाव जैसा लगा और मुझे इसमें मजा भी नहीं आया। लेकिन धीरे-धीरे मुझे इससे प्यार हो गया और मुझे एहसास हुआ कि यह मुझे अनुशासन और कड़ी मेहनत सिखा रहा है, जो आगे चलकर मुझे जिंदगी के सबसे मुश्किल हालात का सामना करने में मदद करेगा।'
11 तक नहीं रिलीज हुई फिल्म
उन्होंने टीनएज में मिली अपनी सबसे बड़ी निराशाओं में से एक के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा 'जब मैं 17 साल की थी और 12वीं क्लास में थी, तो मुझे एक फीचर फिल्म में पहला लीड रोल मिला। वह मेरे स्कूल का आखिरी साल भी था और उन ग्रेड्स से मेरा भविष्य तय हो सकता था। मैंने अपने सपनों के कॉलेज में दाखिला लेने की कोशिश के साथ-साथ फिल्म करने का फैसला किया। मुझे वह कॉलेज मिल गया, जिसका मैंने हमेशा सपना देखा था, लेकिन वह फिल्म 11 साल तक रिलीज ही नहीं हो पाई। बड़ी होते हुए, मैं फिल्में देखती थी और सपना देखती थी कि एक दिन मैं भी उस स्क्रीन पर नजर आऊंगी।'