Irrfan Khan
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अगले साल, 2003 में विशाल भारद्वाज की 'मकबूल' आई और फिर तब से इरफान खान का जलवा कायम ही रहा। ये फिल्म की कास्टिंग बेहद खूबसूरत थी। लीड रोल में इरफान खान, पंकज कपूर, तब्बू, नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और पीयूष मिश्रा... इसे देखना, सुनना और महसूस करना जादुई था। 22 फिल्में करने के बाद इरफान को मकबूल मिली थी और ये शानदार थी। इससे पहले तक वो हिंदी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार ही निभाते आए थे। लेकिन अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और निर्देशकों की नजर उन पर पड़ गई थी।माइकल विंटरबॉटम की फिल्म 'ए माइटी हार्ट' साल 2006 में आई और साल 2007 में मीरा नायर की 'द नेमसेक'…और फिर वेस्ट एंडर्सन की स्वप्लिन 'द दार्जिलिंग लिमिटेड'। और इसके बाद 2008 में आई स्लमडॉग मिलिनेयर, जिसे ऑस्कर मिला।