अक्सर कहा जाता है कि बॉलीवुड में पहली ही फिल्म से ऐक्टर्स को टाइपकास्ट कर दिया जाता है। निर्माता-निर्देशक कलाकारों को डेब्यू फिल्म जैसे रोल ही ऑफर करते हैं। मगर 2016 में निर्देशक राकेश ओम प्रकाश मेहरा की फिल्म मिर्जिया से करिअर शुरू करने वाली संयमी खेर का अनुभव अलग है। मिर्जा-साहिबा की ऐतिहासिक कहानी के आधुनिक रूपांतरण में साहिबा उर्फ सुचित्रा का रोल निभाने वाली संयमी को मिर्जिया के बाद एक नहीं बल्कि दो सेक्स कॉमेडी ऑफर हुईं।
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मिर्ज्या
इन दोनों फिल्मों को संयमी ने ठुकरा दिया। मिर्जिया के बाद संयमी की दूसरी फिल्म अब मराठी में आ रही है जिसका नाम 'माऊली' है। इसमें वह रितेश देशमुख के अपोजिट हैं। संयमी ने हिंदी फिल्मों का इंतजार क्यों नहीं किया, इस पर अमर उजाला से विशेष बातचीत में संयमी ने कहा, 'मेरे पास जो रोल आ रहे थे वो ऐसे थे जिन्हें मैं करना नहीं चाहती थी।'
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सैयामी खेर
कैसे थे ये रोल? संयमी ने बताया, 'मिर्जिया के बाद मुझे दो सेक्स कॉमेडी ऑफर हुई थीं। मुझे यह काम नहीं करना। हालांकि मैं इन्हें कमतर नहीं आंकती क्योंकि इनके दर्शक हैं और ये चलती भी हैं। परंतु मैं ये फिल्में नहीं करना चाहती।' उन्होंने बताया कि इसके अलावा बॉलीवुड से जो अन्य ऑफर थे, उसमें हीरोइन को सिर्फ नाच-गाना ही करना था।
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Saiyami Kher
संयमी के अनुसार, ऐसी फिल्में करने का कोई अर्थ नहीं होता। अगर वह बहुत बड़े बैनर की या बड़े सितारों के साथ न हो। संयमी मानती हैं कि मिर्जिया के बाद एक साल कुछ यूं गुजरा कि कई चीजें बनते-बनते रह गईं। उन्हें मणिरत्नम जैसे प्रतिष्ठित डायरेक्टर ने तमिल फिल्म के लिए साइन किया था। इसका वर्कशॉप भी हुआ परंतु फिल्म शुरू होने से पहले बंद हो गई।
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सैयामी खेर
इसके बाद मणिरत्नम ने एक और फिल्म के लिए भी बुलाया मगर वहां रोल के हिसाब संयमी की उम्र कम थी। इसके अलावा एक और तमिल फिल्म के लिए संयमी चुन ली गई थीं परंतु वह शुरू नहीं हो सकी। संयमी ने कहा कि मेरे पास जो ऑफर आए, उनमें माऊली की ग्रामीण युवती का रोल सबसे बेहतर था।
संयमी ने कहा कि यह रोल स्वीकार करने के दो कारण थे। एक तो मेरी जड़ें मराठी हैं। मेरी दादी मराठी अभिनेत्री थीं और मैं घर में मराठी बोलती हूं। दूसरी वजह थी कि माऊली में मेरा किरदार मिर्जिया से बनी छवि से बिल्कुल अलग है। दर्शकों को इसमें नई संयमी देखने को मिलेगी।