बॉलीवुड फिल्मों में हीरो जितना मायने रखता है उतना ही विलेन को भी सराहा जाता है। हिंदी फिल्में विलने के बिना अधूरी हैं। आज हम ऐसे ही एक विलेन की बात करेंगे जिसकी एंट्री होते ही दर्शकों में खौफ पैदा हो जाता था।
पढ़ें- जैकी चैन का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है राम रहीम की बेटी हनीप्रीत, इस मकसद से बनाती थी फिल्में
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
सदाशिव अमरापुरकर
विलेन का किरदार करने वाले इस एक्टर का नाम है सदाशिव अमरापुरकर। सदाशिव दर्शकों के फेवरेट खलनायकों में से एक हुआ करते थे। यूं तो सदाशिव का निधन साल 2014 में फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी के चलते हो गया था। लेकिन उनकी अदाकारी और खौफ को लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं।
पढ़ें- राम रहीम के बारे में ये क्या बोल गए कीकू, कपिल शर्मा के बारे में भी किया खुलासा
विज्ञापन
3 of 7
सदाशिव अमरापुरकर
सदाशिव ने बॉलीवुड के सभी सुपरस्टार्स के साथ काम किया है। इनमें धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और सलमान खान जैसे स्टार्स शामिल हैं। सदाशिव का सबसे यादगार रोल फिल्म 'सड़क' का था। इस फिल्म में उन्होंने 'किन्नर' का रोल किया था।
पढ़ें- शाहरुख की इस हरकत पर भड़के सनी ने फाड़ दी थी अपनी जींस, साथ काम ना करने की खाई थी कसम
4 of 7
सदाशिव अमरापुरकर
जो कि लोगों ने बहुत पसंद किया था। सदाशिव को पहला ब्रेक मेकर गोविंद निहलानी ने फिल्म 'अर्द्ध सत्य' में दिया था। हालांकि रोल छोटा था लेकिन उनके किरदार की काफी तारीफ हुई थी। इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। इसके बाद विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म खामोश में सदाशिव ने बेहतरीन भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन
5 of 7
सदाशिव अमरापुरकर
अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म आखिरी रास्ता में भी सदाशिव जी ने बेहतरीन किरदार निभाया था। इसमें सदाशिव निगेटिव किरदार में थे। फिल्म सड़क का 'किरदार' तो लोगों के जहन में आज भी जिंदा है।
धर्मेंद्र सदाशिव को अपने लिए काफी लकी मानते थे। वैसे तो सदाशिव ने अपना करियर उन दिनों शुरू किया जब धर्मेंद्र शिखर को पार कर चुके थे।
विज्ञापन
6 of 7
सदाशिव अमरापुरकर
लेकिन धर्मेंद्र को उनका अंदाज इतना पसंद आया कि सदाशिव अपने अपोजिट उनके पसंदीदा विलेन हो गए। जानकार कहते थे कि धर्मेंद्र उन्हें अपने लिए ‘लकी’ मानने लगे थे। यही कारण है कि सदाशिव अमरापुरकर उनके साथ दो-चार नहीं बल्कि 11 फिल्मों में नजर आए।
सदाशिव विलेन का रोल इतने प्रभावपूर्ण ढंग से निभाते थे कि दर्शक हीरो से ज्यादा विलेन को पसंद करने लगते थे। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा हिंदी, मराठी, बंगाली, उड़िया और हरियाणवी फिल्मों में काम किया।