जहां फिल्म 'ब्लैक फाइडे' 1993 बॉम्बे बम ब्लास्ट की सच्ची कहानी पर आधारित थी तो वहीं 'देव डी' शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास का आधुनिक रूपांतरण था। इसी तरह जहां 'ग़ुलाल' छात्र राजनीति को दर्शाती है, वहीं 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' समाज में मौजूद विभिन्न अपराधों का फिल्मी रूपांतरण है। 'रमन राघव 2.0' असल सीरियल किलर से प्रेरित फिल्म थी तो 'सेक्रेड गेम्स' सीरीज विक्रम चंद्रा के उपन्यास का फिल्मांकन है।
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Anurag Kashyap
- फोटो : file photo
हिंदी फिल्मों में डायलॉगबाजी का लंबा चलन रहा है, लेकिन अनुराग कश्यप की फिल्मों में आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग ज्यादा होता है। बावजूद इसके उनके कई डायलॉग दर्शकों को भा जाते हैं और उनकी जुबा पर चढ़ जाते हैं। बीते साल रिलीज हुई अनुराग कश्यप की फिल्म 'मनमर्जियां' आज के दौर की प्रेम कहानी है जिसकी पृष्ठभूमि पंजाब रखी गई थी। फिल्म के ट्रेलर में कई डायलॉग थे जो लोगों को पसंद आये। जैसे, 'तू बंदा ना बड़ा सही है पर जिम्मेदारी के नाम पर ना देता है', 'तू प्यार करने छतें टप के आ सकता है, तू घर नहीं आ सकता शादी की बात करने ?'
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anurag kashyap
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हालांकि,फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लेखिका कनिका ढिल्लों ने लिखे थे ,और अनुराग कश्यप इस फिल्म से बतौर निर्देशक बाद में जुड़े। इस पर कनिका का कहना था कि, "फिल्म में जो भाषा है वो किरदारों से ही आई है। मेरा मकसद था कि उनकी भाषा आम ही रखूं ताकि वो दर्शकों से जुड़ सके।" कनिका ने माना कि पंजाबी होने के कारण उस पृष्ठभूमि की कहानी उनके लिए आसान रही, फिल्म में 'फ्यार' शब्द भी काफी चर्चा में है जिसका श्रेय कनिका, अनुराग कश्यप को देती हैं। उन्होंने बताया था कि, "फिल्म में दो प्रेमी जोड़े हैं ,जिसमें एक शारीरिक और एक भावुक तरीके से जुड़ा हुआ है। दोनों के प्रेम को एक शब्द में जोड़ने के लिए अनुराग ने 'फ्यार' शब्द इजाद किया, जो गाने के जरिये फिल्म के डायलॉग का हिस्सा भी बन गया है।"
अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के डायलॉग बहुत मशहूर हुए थे। 'गोली नहीं मारेंगे, कह के लेंगे', 'बेटा, तुमसे ना हो पायेगा', 'बाप का, दादा का, भाई का, सबका बदला लेगा तेरा फैजल', 'ये वासेपुर है, यहाँ कबूतर भी एक पंख से उड़ता है और दूसरे से अपनी इज्जत बचाता है। गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी जीशान कादरी ने लिखी थी जिनका ताल्लुक वासेपुर से ही है। फिल्म के किरदार और उनके डायलॉग को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। फिल्म में मनोज बाजपेई, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, हुमा कुरैशी, ऋचा चड्ढा और कई बेहतरीन अभिनेताओं ने काम किया था।