आज महेश भट्ट की फिल्म 'सारांश' को 33 साल हो गए हैं। ये फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसी फिल्म के तौर पर दर्ज है जिसने ना सिर्फ कल्ट का स्टेटस हासिल किया बल्कि इसने अनुपम खेर के करियर को भी नई ऊंचाईयां दी और एक कद्दावर अभिनेता के तौर पर स्थापित किया।
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'सारांश' में अनुपम खेर
इस फिल्म में अनुपम खेर ने 65 साल के एक ऐसे बुजुर्ग का किरदार निभाया था जो अपने जवान बेटे की मौत के सदमे से उबरने की कोशिश करता है और उसके इंसाफ के लिए लड़ता है। उस वक्त अनुपम खेर की उम्र 28 साल थी जो अपने-आप में एक रिकॉर्ड था।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फिल्म अनुपम खेर से छिन ही गई थी और संजीव कुमार को मिलने वाली थी ?
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'सारांश' में अनुपम खेर
अनुपम खेर उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री में नए थे और एक ही फिल्म में काम किया था। 'सारांश' में काम करने का ऑफर मिलते ही अनुपम खेर फूले नहीं समाए और अपने किरदार की तैयारी में जुट गए। करीब 8 महीनों तक अनुपम खेर ने अपने रोल की तैयारी की, लेकिन फिल्म की शूटिंग से कुछ घंटे पहले ही ये फिल्म उनके हाथों से छिनते-छिनते बची थी।
इसका जिक्र अनुपम खेर ने खुद एक इंटरव्यू में किया था।
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'सारांश' में अनुपम खेर
दरअसल राजश्री प्रोडक्शंस चाहता था कि फिल्म में कोई नया चेहरा नहीं बल्कि पॉपुलर स्टार होना चाहिए। उस वक्त संजीव कुमार काफी पॉपुलर थे और उन्हीं को फिल्म में लेने का मन बनाया गया।
अनुपम खेर को जैसे ही इस बारे में पता चला उनके पैरों तले जमीन खिसक गई..उन्हें यकीन नहीं हुआ और तुरंत ही महेश भट्ट को फोन करके ये बात पुख्ता की और उनका दिल टूट गया। अनुपम खेर ने तुरंत अपना सामान पैक किया और घर वापस जाने के लिए निकल गए।
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'सारांश' में अनुपम खेर
रास्ते में अनुपम खेर ने सोचा कि जाते-जाते क्यों ना महेश भट्ट से मिल लिया जाए...और बस वो मिलने चले गए। महेश भट्ट ने अनुपम खेर को काफी मनाने की कोशिश की और कहा कि वो फिल्म में कोई और किरदार निभा सकते हैं। साथ ही कहा कि अगर वो संजीव कुमार के साथ काम करेंगे तो उनके करियर को फायदा होगा, लेकिन अनुपम खेर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए।
गुस्से में तो थे ही अनुपम और उन्होंने महेश भट्ट को काफी बुरा-भला कहा....धोखेबाज तक कह दिया।
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महेश भट्ट
इसके बाद महेश भट्ट को ना जाने क्या हुआ उन्होंने फैसला किया कि वो अनुपम खेर को लेकर ही फिल्म बनाएंगे। तुरंत ही महेश भट्ट ने राजश्री प्रोडक्शंस को फोन लगाया और कह दिया कि वो अनुपम के साथ ही 'सारांश' बनाएंगे और अगर राजश्री फिल्म से नहीं जुड़ना चाहता तो वो किसी और प्रोडक्शन हाउस के साथ मिलकर फिल्म बना लेंगे।
और इस तरह अनुपम खेर 'सारांश' में शामिल हुए। ये फिल्म भारत की तरफ से 1985 के ऑस्कर के लिए भी भेजी गई थी और इसी के लिए अनुपम खेर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड भी मिला था।