मिस्टर भरोसेमंद कहलाने वाले अभिनेता अजय देवगन हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा सितारों में हैं जिनकी खराब फिल्मों के भी कामयाब होने की दुआएं मुंबई फिल्म जगत करता है। उनका अपना एक आभामंडल है। लेकिन, इस आभामंडल को उनके अपने ही निर्देशन में बनी फिल्म ‘रनवे 34’ ने दरका दिया है। फिल्म इंटरवल के बाद तो कमजोर बनी ही है, फिल्म की मार्केटिंग ठीक से न होने के चलते मेट्रो शहरों के दर्शकों ने भी फिल्म को खास तवज्जो नहीं दी। दूसरी और तीसरी कतार के शहरों में फिल्म ‘रनवे 34’ की हालत ज्यादा खराब है। फिल्म का कलेक्शन रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को शुक्रवार और शनिवार से बेहतर रहा है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ‘रनवे 34’ का पहले वीकेंड का कलेक्शन इतना कम है कि इसने 2011 में रिलीज हुई अजय की ही फिल्म ‘दिल तो बच्चा है जी’ की बराबरी कर ली है।