आर माधवन
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फिल्म ‘रॉकेट्री’ पूरी होने के बाद ये फिल्म सबसे पहले नंबी नारायणन और मैंने साथ देखी थी। उस दिन की याद करते हुए माधवन कहते हैं, ‘आपने फिल्म देखने के बाद जो प्रतिक्रिया दी थी, वह मुझे अब भी याद है।’ जुहू के माधवन के ऑफिस में ये फिल्म देखते हुए साथ की सीट पर बैठे नंबी नारायणन लगातार सिसक रहे थे। उनका अपना भोगा कष्ट जिस तरह से माधवन ने परदे पर जिया था, उसे लेकर भी वह बहुत अलग महसूस कर रहे थे। पूछने पर उन्होंने तब इतना ही कहा, ‘मैं जो महसूस कर रहा हूं, वह कह नहीं पा रहा हूं।’