रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट
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वैज्ञानिकों ने सिलसिलेवार कई सीन के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि नंबी नारायणन ने यह भी दावा किया है कि विक्रम साराभाई ने उन्हें अमेरिका के प्रेस्टन यूनिवर्सिटी में पीजी के लिए भेजा था, लेकिन यह सच नहीं है। जिस वैज्ञानिक को भेजा गया था, वो एलपीएस के निदेशक मुथुनायकम थे। वैज्ञानिकों के मुताबिक नंबी नारायणन ने 1968 में इसरो जॉइन किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के अधीन केवल कुछ महीनों के लिए काम किया था। लेकिन, आरोप के मुताबिक नंबी नारायणन ने फिल्म में दावा किया है कि उन्होंने एक बार अब्दुल कलाम को भी गलत फैसला लेने से रोका था। एलपीएससी के पूर्व निदेशक मुथुनायकम ने कहा, 'जब 1990 में एलपीएससी में क्रायोजेनिक प्रोपल्शन सिस्टम परियोजना शुरू हुई थी, तब मैंने नंबी नारायणन को परियोजना निदेशक नियुक्त किया था'।