केंद्र की पी वी नरसिम्हाराव सरकार के समय 1994 में साजिशन जासूसी कांड में फंसाए गए अंतरिक्ष वैज्ञानिक नंबी नारायणन की बायोपिक की हर तरफ खुलकर तारीफ हो रही है। जो लोग भी फिल्म देखकर बाहर निकल रहे हैं, वे इस फिल्म की न सिर्फ अपने मित्रों के बीच बल्कि सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन, फिल्म देखने वालों को समझ ये नहीं आ रहा कि आखिर इस फिल्म के पोस्टर सिनेमाघरों में क्यों नहीं लगे हैं। सिनेमाघरों के कर्मचारियों का कहना है कि फिल्म के पोस्टर इसके वितरक ने भेजे ही नहीं और फिल्म के हिंदी संस्करण को उत्तर भारत में वितरित करने वाली कंपनी यूएफओ मूवीज के अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं है। मुंबई में चर्चा ये भी है कि ऐसा सिनेमाघरों में पहले से चल रही फिल्म ‘जुग जुग जियो’ के शोज बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।