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बॉलीवुड में 1952 में पहली बार गूंजा 'वंदेमातरम', देखिए अब तक कितनी बार आए बदलाव

Sat, 26 Jan 2019 05:10 AM IST
विजय जैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Republic Day 2019 - फोटो : twitter
26 जनवरी आते ही देशवासियों में देशभक्ति का जोश दोगुना बढ़ जाता है। स्कूलों और ऑफिसों में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम आयोजित होते हैं तो वहीं वंदे मातरम की गूंज सब जगह सुनाई देती है। हर कोई इस राष्ट्रगीत को पूरे सम्मान और चाव के साथ गाता है। वंदे मातरम गीत को मुख्य रूप से तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था। इस गीत की धुन में समय के साथ बदलाव आता गया और कई गायकों ने इसे अपनी आवाज में पिरोया। तो चलिए आपको वंदे मातरम गीत पर बॉलीवुड का फ्लेवर कैसे चढ़ा यह बताते हैं। 
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Bankim Chandra Chattopadhyay - फोटो : twitter
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम को लिखा जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे बदलाव देखा गया। बदलाव की यह शुरुआत बॉलीवुड में भी समय के साथ देखी गई। सबसे पहले 'वंदे मातरम' गीत को साल 1952 में आई फिल्म 'आनंद मठ' में लता मंगेशकर ने गाया जिसकी धुन को एक नए धागे में हेमंत कुमार ने पिरोया।
 
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लता मंगेशकर - फोटो : pti
इसके बाद सुरों की मलिका लता मंगेशकर ने साल 1998 में अपनी आवाज में एक बार फिर से इस गीत को नया आयाम दिया। लता मंगेशकर ने इस गाने में कुछ लाइनों को जोड़ा और उसी धुन को अपनाते हुए गाया।

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Republic Day 2019 - फोटो : twitter
खास बात यह है कि इस गीत का खुमार लोगों के सिर पर ऐसे चढ़कर बोला कि हर नया वर्जन पहले गाने की तरह ही फेमस हुआ। साल दर साल इस गाने के बोल सहित आवाज और धुन में भले ही बदलाव होता गया लेकिन इस गाने में देशभक्ति का जोश कभी भी कम नहीं हुआ।
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a r rahman - फोटो : twitter
1951 से लेकर साल 2012 तक इस गाने की धुनों पर बॉलीवुड के कई गायकों का जादू चला जिसमें सोनू निगम, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन का नाम शामिल है लेकिन इन सबके ऊपर ए आर रहमान के 'मां तुझे सलाम' गाना सबके ऊपर कहीं न कहीं भारी पड़ा।
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ए आर रहमान - फोटो : Twitter
ए आर रहमान पेशे से संगीतकार है लेकिन उनकी आवाज का जादू ने 'मां तुझे सलाम गाने' में अपना ऐसा जलवा बिखेरा कि लोग आज भी इस गाने को सुनते हैं तो उनमें देशभक्ति जाग जाती है। इस गाने को उन्होंने साल 1997 में अपने अलग ही अंदाज में गाया था।
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