रेणुका शहाणे
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रेणुका ने आगे कहा, मीटू बहुत जरूरी था, क्योंकि अगर कुछ और नहीं, तो उस घटना से बहुत सारी महिलाएं गुजरीं, जो शायद उनके साथ करीब 10 साल, 25 साल पहले हुई थीं। लोग कहते हैं इस बारे में 25 साल बाद क्यों बोल रहे हो, अरे आप बोलने कब देते हो?' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसी हरकतें ज्यादातर परिवारों के अंदर होती हैं। अगर कोई बच्चा-चाहे लड़का हो या लड़की अपने माता-पिता को बताता है, तो कितने माता-पिता बच्चे की कही गई बातों के आधार पर अपने बड़ों या पारिवारिक रिश्तों को छोड़ने को तैयार हैं? इसलिए मुझे लगता है कि यह वहीं से शुरू होता है।'