रीना रॉय
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50 साल हो गए आपको मनोरंजन जगत में काम करते हुए लेकिन आपकी राह कामयाबी की तरफ मोड़ देने वाली फिल्में ‘जैसे को तैसा’ और ‘नागिन’ को लोग अब तक नहीं भूले...
'जैसे को तैसा' 1973 में रिलीज हुई। इसके हीरो जितेन्द्र बहुत ही मेहनती और समय के पाबंद इंसान रहे हैं। लोग अब फिटनेस के चक्कर में खाने पीने पर इतना ध्यान देते हैं, वह 50 साल पहले हमें समझाया करते थे कि मीठा मत खाओ, रोटी चावल मत खाओ, सिर्फ प्रोटीन वाली चीजें और सलाद खाओ। खूब वर्जिश करो। मैं तो थी 15 साल की तो मुझे उनकी बातें समझ ही नहीं आती थीं लेकिन मैंने कभी जितेंद्र को रोटी, चावल खाते नहीं देखा। रही बात ‘नागिन’ की तो उस दौर में राजकुमार कोहली ही ऐसे निर्देशक थे जो इतने सारे सितारों को एक साथ इकट्ठा कर सकते थे। इस काम में उनकी पत्नी निशि की भी बहुत मेहनत शामिल थी। 'नागिन' के बाद मैंने उनके साथ 'जानी दुश्मन' और 'राज तिलक' भी कीं। कोहली साब के बाद मनमोहन देसाई ही ऐसा कर पाए।