मुराद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मदर इंडिया में नहीं मिला काम
फिल्म 'नजमा' के बाद वालिद साहब ने महबूब खान की फिल्मों के परमानेंट एक्टर बन गए। उन्होंने महबूब खान की 'अनमोल घड़ी', 'अनोखी अदा', 'अंदाज', 'अमर', 'आन' और 'सन ऑफ इंडिया' जैसी सभी फिल्मों में काम किया। सिर्फ 'मदर इंडिया' में काम नहीं किया क्योंकि उस फिल्म में उनके लायक कोई रोल नहीं था। महबूब खान ने जब 'मदर इंडिया' का ट्रायल रखा तो वालिद साहब को बुलाया और फिल्म दिखाने के बाद बोले कि अब बताओ कि तुम्हारे लायक इसमें क्या रोल था? महबूब खान मेरे वालिद को बादशाह कहते थे क्योंकि उन्होंने उनकी फिल्म 'आन' में बादशाह का रोल किया था। इसके अलावा और भी बहुत अच्छी अच्छी फिल्में उन्होंने की, इनमें बिमल रॉय की 'दो बीघा जमीन', देवदास, सोहराब मोदी की 'मिर्जा गालिब और दिलीप कुमार साहब के साथ 'दीदार' शामिल हैं। दिलीप साहब की क्लासिक फिल्म 'मुगल -ए -आजम' में मेरे वालिद राजा मान सिंह बने।