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कभी बस में चलने के भी नहीं थे पैसे, आज दिग्गज अभिनेताओं में होती है रवि किशन की गिनती, स्ट्रगल के बाद मिली कामयाबी

Tue, 22 Sep 2020 09:59 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रवि किशन - फोटो : अमर उजाला
साल 1969 में मुंबई के सातांक्रूज इलाके में पैदा हुए रवि किशन फिल्म अभिनेता और भाजपा नेता हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर के ब्राह्मण परिवार में जन्में रवि किशन शुक्ला ने बचपन में सोचा भी नहीं था कि वे फिल्मों में काम करेंगे। रवि किशन दूसरे अभिनेताओं की तरह महज भोजपुरी सिनेमा के उत्पाद बनकर नहीं रहे बल्कि उन्होंने मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा के एक मशहूर और समर्थ अभिनेता के रूप में नाम कमाया है। इन दिनों रवि किशन बॉलीवुड में ड्रग को लेकर दिए बयान के चलते चर्चा में हैं।
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Ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन को फिल्म 'तेरे नाम' के लिए सर्वश्रेष्ठ सह- अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया था। 2005 में आई उनकी भोजपुरी फिल्म 'कब होई गवनवा हमार' को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी हासिल हुआ। इस तरह वे ऐसे अभिनेता बने जिन्हें एक साथ हिंदी और भोजपुरी की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों का हिस्सा होने का गौरव मिला।
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रवि किशन - फोटो : file photo
एक इंटरव्यू में रवि किशन ने बताया था- ''फिल्मों में 10-12 साल काम करने के बाद भी मुझे पैसे नहीं मिलते थे। चेक लगातार बाउंस होते थे। फिल्म के प्रोड्यूसर सुबह पैसे देते थे और शाम होते होते वापस भी ले लेते थे। लोग पैदल चलकर ऊपर आते हैं, मैं रेंगकर ऊपर आया हूं। मैं पैसे के पीछे नहीं, फिल्मों के पीछे भागता था।''

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रवि किशन - फोटो : file photo
बचपन से जुड़े किस्से शेयर करते हुए रवि किशन बताते हैं कि जब वो रामलीला में सीता का रोल करते थे तो उनके पिता बेल्ट से उनकी पिटाई करते थे और कहते थे- तुम नचनिया क्यों बन रहे हो? उनके पिता चाहते थे कि वो कोई ऐसा काम करें जो ब्राह्मण परिवार को शोभा देता हो। लेकिन उनकी मां ने उन्हें घर से भागने की सलाह दी। एक्टिंग के लिए उन्होंने 17 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था।
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रवि किशन - फोटो : File Photo
भोजपुरी फिल्मों के अलावा बिग बॉस में आने के बाद उनकी जिंदगी ज्यादा बदल गई। अपने भोजपुरी अंदाज और 'अद्भुत' या फिर 'बाबू' और 'जिन्दगी झंड बा, तब्बो घमंड बा' जैसे जुमलों के चलते इतने पॉपुलर हुए कि प्रतियोगिता के आखिरी तीन प्रतिभागियों में एक वे भी थे। जब रवि किशन मुंबई आए थे। उस दौरान बस से चलने के लिए पैसे भी नहीं होते थे। आज रवि किशन के पास कई महंगी गाड़ियां हैं। बीएमडब्ल्यू, ऑडी समेत कई गाड़ियां रवि किशन के पास हैं।
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