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तनुश्री के सपोर्ट में उतरीं कंगना रनौत, बोलीं- 'मां के राजा बेटों को ना का मतलब सिखाने की जरूरत'

Sun, 30 Sep 2018 04:51 PM IST
सुनीता कपूर, अमर उजाला
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tanushree
तनुश्री दत्ता की लड़ाई में बॉलीवुड चुप क्यों? ये सवाल अमर उजाला बिंदास ने मुखर रूप से उठाया। जिसके बाद ट्विंकल खन्ना, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर, ऋचा चड्ढा, परिणीति चोपड़ा और फरहान अख्तर जैसे सितारे तनु के समर्थन में उतरे। अब आहिस्ता-आहिस्ता दूसरे सितारे भी अपनी चुप्पी तोड़ रहे हैं। 
 
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nana, tanushree
तनु को अब रवीना टंडन और कंगना रनौत का साथ मिला है। बहुत से लोग सवाल उठा रहे हैं कि 10 साल पहले बीते इस मुद्दे को उठाने का क्या मतलब है । इससे क्या फायदा?कंगना ने ऐसे लोगों को लताड़ लगाते हुए कहा है कि हमारे जीवन की कहानी की कोई भी एक्सपायरी डेट नहीं होती । इधर रवीना टंडन ने भी एक-एक करके पांच ट्वीट किए हैं।
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tanushree dutta
उनका तनुश्री के साथ खड़े होना महत्व रखता है क्योंकि वो नाना पाटेकर के साथ फिल्म गुलाम-ए-मुस्तफा में काम कर चुकी हैं। रवीना टंडन ने अपने ट्वीट में लिखा है- 'जब हमारी इंडस्ट्री अपनी ही महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने में फेल हो जाए, उन्हें उनका मौका मिला और वह हार गए। हम महिला सशक्तिकरण पर फिल्म बनाते हैं जो पूरी तरह खोखला है।'

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tanushree dutta
तनुश्री दत्ता के मामले पर सामने आ रही चुप्पी दर्दनाक है। दूसरे ट्वीट में लिखा, 'दुखद है कि इस मामले का कोई गवाह या सबूत नहीं है तो कुछ कह नहीं सकते। लेकिन यह सच है कि यह वाकया उसकी पूरी जिंदगी बदलने के लिए काफी था। मैंने भी नाना के साथ काम किया है और उनके गुस्से के बारे में सुना भी है लेकिन कभी उसकी शिकार नहीं हुई बल्कि वह इस दौरान काफी मददगार थे।
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tanushree dutta
उन्होंने लिखा कि 10 साल पहले सोशल मीडिया नहीं था और लोगों के सामने वही आता था तो गॉसिप मैगजीन सामने रखती थीं। लेकिन अब मौका है कि पीड़ित सामने आएं और सच सामने रखें ताकि कानून अपना काम कर सके। हमें इस मामले पर इतना जल्दी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। वहीं बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत ने बिना किसी की तरफदारी किए हुए कहा है कि मैं यहां इस मामले पर कोई फैसला सुनाने के लिए नहीं हूं। 
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tanushree dutta
'मैं तनुश्री की सराहना करती हूं कि उन्होंने अपने साथ हुई इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई है। इस तरह के मुद्दों पर बात करना समाज के हित के लिए बहुत अच्छा है ताकि जागरूकता फैले। लेकिन दुर्भाग्यवश भारत के ज्यादातर पुरुषों को जिस तरह से उनकी मांए पालती हैं उन्हें इतनी भी तहजीब नहीं होती कि पेशाब करने से पहले पॉट के ढक्कन को उठाया जाता है।'
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हेयर स्टाइलिस्ट - फोटो : self
कंगना ने अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'राजा बेटा को न का मतलब बताया जाना बेहद जरूरी है। अब समाज को राजा बेटाओं को वो सिखाने और बताने की जरूरत है जिसे बताने में उनके माता-पिता असफल रहे हैं। उन्हें ये समझाना जरूरी है कि मौलिक अधिकार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान हैं। विश्वास करिए जब उन्हें ये बताया जाएगा तो ये उनके लिए एक न्यूज होगी। जिस तरह आए दिन से रेप, शोषण और छेड़छाड़ की खबरें आ रही हैं, उसे देखकर इन हैवानों को इंसान की श्रेणी में रखना बेहद गलत है।'
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KANGANA
'हमें इस तरह की घटनाओं के बारे में बात करनी चाहिए और अपने साथ हुए वाकयों को भी उजागर करना चाहिए। ऐसा करने से इस तरह के अपराध करने वालों के दिलों में ये डर जरूर पैदा होगा कि एक लड़की कभी भी अपने साथ हुई घटना के खिलाफ आवाज उठा सकती है। क्योंकि हमारी जिंदगी की इस तरह की कहानियों की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।'
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