रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण
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रणवीर सिंह ने हिंदी सिनेमा का हीरो नंबर वन बनने के सफर में 'बैंड बाजा बारात', 'लुटेरा', 'राम लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत', 'गली बॉय' और '83' जैसी फिल्मों में बेमिसाल एक्टिंग की है। यह पूछने पर कि एक एक्टर के रूप में कौन सी चीज उन्हें बड़ी चुनौतियों का सामना करने का हौसला देती है, वह कहते हैं, “मुझे कठिन चुनौतियों का सामना करने में मजा आता है। जब ऐसी चुनौतियां मेरे सामने आती हैं, तो मुझे डर लगता है। जब संजय लीला भंसाली ने 'अलाउद्दीन खिलजी' के किरदार, कबीर ख़ान ने 'कपिल देव' के किरदार या रोहित शेट्टी ने 'सिम्बा' जैसे कैरेक्टर के बारे में मुझे बताया तो शुरुआत में मुझे घबराहट हुई। लेकिन यह भी एक एनर्जी है। यह बात मैंने कृष्णामचारी श्रीकांत से सीखी क्योंकि खुशकिस्मती से फिल्म '83' के प्रमोशन के दौरान मुझे उनके साथ समय बिताने का मौका मिला। उन्होंने मुझे बताया कि यह एक एनर्जी है इसे न तो बनाया जा सकता है और न ही इसे ख़त्म किया जा सकता है, इसे केवल ट्रांसमिट और ट्रांसफॉर्म किया जा सकता है। इसलिए, मैं भी अपने नर्वसनेस को एनर्जी में बदल देता हूं जिससे मुझे ट्रांसफॉर्मेशन में काफी मदद मिलती है। इस तरह की चुनौतियों से मेरा हौसला बढ़ता है और मैं उन्हें पूरी तरह से अपना बना लेता हूं।”