Randeep Hooda
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रणदीप डुडडा ने अपने इस बयान की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि, इस बात से दुख होता है कि दर्शक यह नहीं देख पाए कि कहानी की वास्तविक भावनाओं के साथ किसमें अधिक प्रामाणिक संस्करण हैं। इसके अलावा, आप आगे बढ़ना सीखते हैं। यात्रा के माध्यम से, मैंने सिख धर्म के सिद्धांतों को सीखा और अब मैं एक बेहतर व्यक्ति हूं।