राणा नायडू 2
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
निर्देशक करण अंशुमान इस बारे में कहते हैं, "राणा और नागा अभी भी सिर टकरा रहे हैं। दो मजबूत इरादों वाले पुरुष अपने अतीत और अपनी खामियों से दबे हुए हैं। घर पर क्या चल रहा है? चलिए बस इतना ही कहते हैं कि नायडू परिवार का ड्रामा अराजकता के एक नए स्तर पर पहुंच गया है। वफादारी बदल रही है, प्यार और विश्वासघात के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। और तभी रऊफ इस कहानी में कदम रखता है। अब कहानी के नायक का एक ही कर्तव्य है, अपने परिवार की रक्षा करना, चाहे कोई भी कीमत क्यों न हो।"