arun govil
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"मेरे मन में राम का ही किरदार था। लेकिन मैंने उनसे कहा कोई नहीं, आप जैसा उचित समझें। बाद में उनकी सिलेक्शन टीम और रामानंद जी ने कहा की हमें तुम्हारे जैसा राम नहीं मिलेगा।" राम का किरदार करने के बाद अरुण गोविल की जिंदगी बदल गई। लोग सार्वजनिक जगहों पर अरुण को देखते तो उनके पांव छूने लगते और आशीर्वाद मांगते। लोग उनको उनके किरदार से अलग नहीं देख पाते थे। अपनी पुरानी यादों को याद करते हुए अरुण कहते हैं, "मुझे याद है एक दिन मैं सेट पर टी-शर्ट पहन कर बैठा हुआ था। एक महिला आई और सेट पर काम करने वाले लोगों से पूछने लगी श्री राम कहां है। वो कह रही कि उसे मुझसे मिलना है" उसके गोद में एक बच्चा था। सेट पर काम करने वाले लोगों ने उसे मेरे पास भेज दिया।"