फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rakul Preet Singh: नपोटिज्म के कारण रकुल प्रीत सिंह ने खोई कई फिल्में, खुलासा कर बोलीं- यह मेरे लिए नहीं था

Thu, 12 Sep 2024 08:43 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
रकुल प्रीत सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम @rakulpreet
बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी बी-टाउन के पावर कपल में से एक हैं। फैंस को इनकी जोड़ी बेहद पसंद है। अभिनेत्री अपनी प्रोफेशनल लाइफ के अलावा अपनी निजी जिंदगी को लेकर काफी चर्चा में रहती हैं। अब रकुल प्रीत सिंह ने हाल ही में नेपोटिज्म की बहस के बारे में अपनी राय साझा की है और कहा है कि इसके चलते अभिनेत्री ने कुछ प्रोजेक्ट्स भी खो दिए हैं।
विज्ञापन

2 of 5
रकुल प्रीत सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम @rakulpreet
रकुल प्रीत सिंह ने 2014 की फिल्म यारियां से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। उन्होंने दे दे प्यार दे, रनवे 34, डॉक्टर जी, थैंक गॉड और छतरीवाली जैसी हिंदी फिल्मों में काम किया है। रकुल अब अजय देवगन और आर माधवन के साथ दे दे प्यार दे 2 की तैयारी कर रही हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में भाई-भतीजावाद के बारे में बात की और चर्चा की कि उन्हें अपने करियर में फिल्में खोने पर दुख क्यों नहीं होता।
विज्ञापन

3 of 5
रकुल प्रीत सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम @rakulpreet
रणवीर शो में रकुल प्रीत सिंह ने नेपोटिज्म पर अपनी राय व्यक्त की और स्वीकार किया कि उन्होंने फिल्में खो दी हैं। रकुल ने याद किया कि जब वह सेना में शामिल होना चाहती थी, तो उनके पिता अपना अनुभव साझा करते थे। अभिनेत्री को कड़वाहट पसंद नहीं है क्योंकि उनका मानना है कि वे प्रोजेक्ट उनके लिए नहीं थे"।

4 of 5
रकुल प्रीत सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम @rakulpreet
रकुल ने कहा, "मुझे सेना में जाना था, मेरे पिताजी मुझसे अपने अनुभव साझा करते थे। इसलिए भाई-भतीजावाद, मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचती। हां, ये होता है, फिल्में ली गई हैं, लेकिन मैं ऐसी इंसान नहीं हूं, जो कड़वा होकर बैठ जाएगी। हो सकता है कि यह मेरे लिए नहीं था।"
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रकुल प्रीत सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम @rakulpreet
अभिनेत्री ने आगे बताया कि अवसर खोना तय है और आप तभी आगे बढ़ सकते हैं, जब आप इसे समझेंगे। रकुल ने मेडिकल इंडस्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई डॉक्टर बोर्ड में शामिल नहीं हो पाता है और किसी और को वहां भेजा जाता है, तो यह जीवन का एक हिस्सा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें