राजू श्रीवास्तव, एहसान कुरैशी
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राजू श्रीवास्तव ने बड़े कठिन संघर्ष के बाद अपना एक अलग मुकाम बनाया था। एहसान कुरैशी कहते है, 'वह संघर्षरत कलाकारों की बहुत ही मदद करते थे। उनके घर या ऑफिस में जो भी जाता था, उसको बिना खाने खिलाए नही भेजते थे। बंद मुट्ठी वह लोगों की मदद करते थे।'राजू श्रीवास्तव जितने बड़े कलाकार थे। उतने ही जमीन से जुड़े हुए भी इंसान थे। अपने घर परिवार साथ-साथ उन्होंने लोगों की भी बहुत मदद की है। एहसान कुरैशी कहते है, 'मुंबई ओशिवारा में जब मैं घर ले रहा था। तब, मुझे पांच लाख रुपए कम पड़ रहे थे। मैंने राजू भाई को एक बार बोला, उन्होंने तुरंत पांच लाख दे दिए।'