फिल्म 'सौतन'
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दरअसल हुआ यह कि निर्माता-निर्देशकों से घिरे रहने वाले राजेश खन्ना की एक के बाद एक तमाम फिल्में हिट हो रही थीं। उन्हीं दिनों निर्माता-निर्देशक सावन कुमार टाक ने राजेश को एक फिल्म का प्रस्ताव दिया। राजेश खन्ना ने कह दिया, 'फिलहाल मेरे पास कोई डेट्स नहीं हैं।' इसके बाद 80 के दशक में राजेश खन्ना की फिल्में फ्लॉप होने लगीं। इनमें, 'धर्म कांटा', 'राजपूत', '50-50', 'बंदिश' जैसी कई फिल्में शामिल थीं। कामयाबी जब कदम चूमती है तो काम की कोई कमी नहीं होती। लेकिन, वक्त बदलते ही जमाना आंखें दिखाने लगता है। काका के साथ भी यही हुआ। फिल्में फ्लॉप होने लगीं तो राजेश खन्ना काम की कमी के चलते खाली हाथ बैठ गए। ऐसे में उन्हें सावन कुमार टाक की याद आई और उन्होंने फोन करके सावन से कहा, 'मेरी डायरी में डेट खाली है, बताओ कब फिल्म शूट करनी है?' सावन कुमार ने कहा, 'एक साथ बहुत सारी डेट्स देनी होंगी'। इस पर राजेश खन्ना ने कहा, 'जितनी चाहिए, तुम ले लो'। सावन, खुश हो गए। इस तरह फिल्म की कहानी पर काम शुरू हुआ और फिल्म का नाम था 'सौतन'।