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V. Vijayendra Prasad Garu: खुद को 27 साल का मानते हैं 80 साल के विजयेंद्र, कहते हैं- मेरा बेस्ट आना अभी बाकी

Wed, 06 Jul 2022 10:46 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
राज्यसभा भेजने के लिए आज चार नामी हस्तियों को मनोनीत किया गया है। इनमें एक नाम फिल्म जगत की मशहूर हस्ती वी. विजयेंद्र प्रसाद का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है। बता दें कि विजयेंद्र प्रसाद लोकप्रिय फिल्म निर्देशक हैं। उन्होंने कई तेलुगू फिल्मों का निर्देशन किया है। इनकी उम्र 80 वर्ष है। उम्र के इस पड़ाव को वृद्धावस्था कहते हैं। अधिकांश लोग इस उम्र में आराम फरमाना पसंद करते हैं। मगर, विजयेंद्र प्रसाद के साथ ऐसा नहीं है। आज भी वह अपने कार्यक्षेत्र में डटे हुए हैं और बेहद सक्रिय हैं। उम्र और थकान का असर उनके आसपास भी नहीं फटकता दिखता। कार्य करने के जुनून के मामले में वह युवाओं को टक्कर देते नजर आते हैं। 
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
विजयेंद्र खुद अपनी उम्र को अपने काम में आड़े नहीं आने देते। 80 वर्ष की उम्र में भी वह खुद को 27 साल का ही मानते हैं। एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह कहा था। सिर्फ कहा नहीं था, बल्कि अपनी फिल्मों से उन्होंने यह साबित भी कर दिखाया है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी फिल्में इसका उदाहरण हैं। बता दें कि 'बाहुबली', 'आरआरआर', 'बजरंगी भाईजान', 'मगाधीरा' इनकी चर्चित फिल्में हैं, जिनमें इन्होंने स्क्रीनराइटिंग का काम किया है। लोकप्रिय दक्षिण फिल्म निर्माता एसएस राजामौली इनके पुत्र हैं।  
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
एक बार मीडिया बातचीत के दौरान जब विजयेंद्र प्रसाद से पूछा गया था कि क्या फिल्म 'बाहुबली' के जरिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान सिनेमा को दे चुके हैं? इस पर उन्होंने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था। विजयेंद्र ने कहा था, 'नहीं, अभी तो मेरा सर्वश्रेष्ठ आना बाकी है।' बता दें कि अपने बड़े भाई शिव शक्ति दत्ता को अपना गुरु मानते हैं। वी. विजयेंद्र प्रसाद के सिनेमा में योगदान की बात करें तो दक्षिण के साथ-साथ हिंदी फिल्मों में भी इनका योगदान रहा है।
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वी. विजयेंद्र प्रसाद - फोटो : सोशल मीडिया
विजयेंद्र प्रसाद अपनी कलम से ऐसी कहांनियां लिखना पसंद करते हैं, जो बिल्कुल नई हों। वह ऐसे विषय तलाशते हैं, जिन तक कोई न पहुंचा हो। उनका कहना है कि वह फिल्म के लिए लिखते वक्त इस बात का खास ख्याल रखते हैं कि कोई दोहराव न हो। वह बिल्कुल नई कहांनियां उठाना पसंद करते हैं। ऐसी जो पहले कभी न कही गई हों। विजयेंद्र का यही चयन उन्हें सबसे अलग पंक्ति में खड़ा करता है। अब तक फिल्म जगह में सराहनीय योगदान देने वाले विजयेंद्र अब अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं। उम्मीद है, यहां भी वह कमाल करेंगे।
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