मेरा नाम जोकर, आवारा, श्री 420 जैसी फिल्मों से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले राज कपूर साहब ने हिन्दी सिनेमा में एक नया अध्याय लिखा है। राज कपूर ने अभिनय के साथ-साथ डायरेक्शन, प्रोडक्शन और राइटिंग में हाथ आजमाया और वो इसमें कामयाब भी रहे। तीन नेशनल अवॉर्ड...11 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स...पद्म भूषण...दादा साहब फाल्के अवॉर्ड...ऐसे ही राज कपूर को हिंदी सिनेमा का शोमैन नहीं कहा जाता है। हिंदी सिनेमा के लिए राज कपूर क्या थे, क्या हैं और क्या रहेंगे...इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। राज कपूर ऐसे शख्स थे जिनकी शोहरत के चर्चे सिर्फ भारत ही नहीं विदेशों में भी थे। दिलचस्प बात यह रही कि इतनी बड़ी शख्सियत होने के बावजूद वह ताउम्र सिर्फ जमीन पर सोए। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसके पीछे की क्या वजह रही।