राहुल देव
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राहुल देव ने एक मीडिया बातचीत के दौरान कहा, 'पेरेंटिंग बिल्कुल भी आसान नहीं होती। बच्चों को पालने में महिलाओं का बड़ा हाथ होता है। वह बच्चों को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसके पीछे वजह ये भी हो सकती है, क्योंकि उन्होंने बच्चे को जन्म दिया है। बच्चों के प्रति उनमें गजब का धैर्य होता है। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन कई बार ऐसा भी समय आया कि मेरा धैर्य जवाब दे गया।' राहुल देव ने आगे कहा, 'मुझे मां और पिता दोनों बनना पड़ा। मैं जब पेरेंट्स टीचर मीटिंग में जाता तो बहुत से बच्चों की मां वहां होतीं। वहां पुरुष कम होते, लेकिन महिलाएं जरूर मौजूद होतीं। उस वक्त मुझे काफी बेचैनी होती।'