आर माधवन
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सिनेडब्स एक तरह का नया तकनीकी प्रयोग है जिसे सिनेमाघर की टाइमिंग से मैच करके दर्शक किसी भी फिल्म की भाषा को सिनेमाघरों में अपने ईयरफोन की मदद से अपनी पसंदीदा भाषा में बदल सकता है। सिनेडब्स की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में पहुंचे आर माधवन कहते है, 'नंबी नारायणन न तो मेरे पिता है, ना ही मेरे कोई रिश्तेदार हैं। मुझे उनसे कुछ भी लेना देना नहीं। लेकिन जब उनसे मिला और उनकी कहानी सुनी तो सारी बातें मेरे जेहन में ऐसी चिपक गईं कि निकल ही नहीं रही थी। उनसे मिलने के बाद महीने भर उनके बार सोचता रहा, नींद में भी उनसे बाते करता रहता। उनके साथ जो खतरनाक सिचुएशन थी, मैं सोच रहा था कि अगर मेरे साथ ऐसा हुआ होता तो क्या होता? मुझे लगा कि ये कहानी दुनिया के सामने आनी चाहिए।’