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'मुगले आजम' के लिए पृथ्वीराज कपूर को मिला था ब्लैंक चेक, सांसों में बसता था पृथ्वी थिएटर

Fri, 02 Nov 2018 05:26 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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पृथ्वीराज कपूर - फोटो : SOCIAL MEDIA
बॉलीवुड के पापाजी कहे जाने वाले पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर, 1906 को पाकिस्तान के समुंद्री में हुआ था। पर्दे पर शहंशाह अकबर का किरदार निभाने वाले पृथ्वीराज कपूर ने बॉलीवुड को कई शानदार फिल्में दी हैं। कपूर खानदान से पृथ्वीराज कपूर ने ही सिनेमा में एक्टिंग की नींव डाली थी। इन्होंने हिंदी सिनेमा को पहली बोलती फिल्म दी थी।
 
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पृथ्वीराज कपूर - फोटो : SOCIAL MEDIA
पृथ्वीराज कपूर ने एक्टिंग की शुरुआत पेशावर के एक थिएटर ग्रुप से की थी। 1929 में पृथ्वीराज कपूर बुआ से कुछ पैसे उधार लेकर बॉम्बे आ गए थे। बॉम्बे आकर पृथ्वीराज कपूर ने एक्टिंग के लिए इम्पीरियल थिएटर ज्वाइन किया। एक्टर बनने की चाहत रखने वाले पृथ्वीराज कपूर ने 24 साल की उम्र में जवानी से बुढ़ापे तक की भूमिका निभाकर अभिनय की मिसाल पेश की।
 
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पृथ्वीराज कपूर - फोटो : SOCIAL MEDIA
साल 1944 में पृथ्वीराज कपूर ने 'पृथ्वी थिएटर' की नींव रखी। फिल्म इंडस्ट्री में 'पापाजी' के नाम से मशहूर पृथ्वीराज अपने थिएटर के तीन घंटे के शो के समाप्त होने के बाद गेट पर एक झोली लेकर खड़े हो जाते थे ताकि शो देखकर बाहर निकलने वाले लोग झोली में कुछ पैसे डाल सकें। इन पैसों के जरिए पृथ्वीराज कपूर ने एक वर्कर फंड बनाया था जिसके जरिए वे पृथ्वी थिएटर में काम कर रहे सहयोगियों को जरूरत के समय मदद किया करते थे। 

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prithviraj kapoor - फोटो : screengrab from Mughal e azam film
1960 में मुगले आजम में अकबर का किरदार निभाने वाले पृथ्वीराज कपूर का इस फिल्म में जुड़ने का किस्सा बेहद दिलचस्प है। फिल्म के निर्देशक के. आसिफ ने पृथ्वीराज कपूर को फिल्म के लिए मेहनताना के तौर पर ब्लैंक चेक साइन करके दे दिया था और कहा था वो जितनी रकम चाहे लिख ले लेकिन उन्होंने चैक पर एक रुपये लिखा।
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Prithviraj Kapoor - फोटो : SOCIAL MEDIA
बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक इतनी बड़ी फिल्म के लिए पृथ्वीराज कपूर ने जब 1 रुपये लिए तो के. आसिफ भावुक हो गए। इस पर पृथ्वीराज ने कहा, आसिफ, मैं आदमियों के साथ काम करता हूं, व्यापारियों या मारवाड़ियों के साथ नहीं। इस फिल्म के लिए दिलीप कुमार, मधुबाला, दुर्गा खोटे जैसे कलाकरों ने अच्छी खासी फीस ली थी और पृथ्वीराज ने महज 1 रुपये।
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Prithviraj Kapoor - फोटो : SOCIAL MEDIA
भारत सरकार इन्हें पद्म भूषण सम्मान से नवाज चुकी है। साथ ही, इन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। पृथ्वीराज कपूर के तीन बेटे थे, राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर। उनकी एक बेटी भी थीं, उर्मिला सियाल।
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prithviraj kapoor - फोटो : SOCIAL MEDIA
रंगमंच के लिए पृथ्वीराज कपूर इस कदर दीवाने थे कि उन्होंने 1944 में अपनी पूरी जमापूंजी से पृथ्वी थिएटर की स्थापना की थी। पृथ्वी थिएटर से उन्हें आर्थिक लाभ तो नहीं हुआ लेकिन एक्टिंग सीखने वालों ने यहां से बहुत कुछ सीखा। पृथ्वीराज कपूर का सपना था कि उनका यह थिएटर हमेशा चलता रहे। हालांकि अब ये थियेटर बिक चुका है। 
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