भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार पृथ्वीराज कपूर किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपने दमदार अभिनय के जरिए उन्होंने सिनेमा को एक नई ऊंचाई दी है। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रख दिया था, लेकिन शुरुआत में उन्हें कई कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ा। पृथ्वीराज के पिता बशेश्वरनाथ पेशे से एक पुलिस ऑफिसर थे। एक्टर जब कॉलेज पहुंचे तो उनके एक प्रोफेसर ने उन्हें थिएटर जॉइन करने की सलाह दी। इसके बाद पृथ्वीराज पेशावर में चंद प्ले कर पृथ्वीराज रिश्तेदार से पैसे उधार लेकर बॉम्बे चले आए।
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पृथ्वीराज कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
बॉम्बे आने के बाद वो इंपीरियल फिल्म कंपनी से जुड़े गए, जिसके बाद उन्हे साइलेंट फिल्मों में काम मिलने लगा। पृथ्वीराज को अपनी पहली फिल्म बेधारी तलवार के लिए फीस नहीं मिली थी, लेकिन उनके अंदर की कला को देखकर उन्हें दूसरी फिल्म सिनेमा गर्ल में कास्ट किया गया और इस फिल्म के लिए उन्हें पूरे 70 रुपए मिले। इसके बाद पृथ्वीराज का करियर परवान चढने लगा और पहली बोलती फिल्म आलम आरा बनी तो इस फिल्म में उन्हें खलनायक का रोल प्ले करने का मौका मिला।
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पृथ्वीराज कपूर
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इसके बाद पृथ्वीराज ने फिल्मों से कमाए गए पैसे लगाकर सन् 1944 में पृथ्वी थिएटर शुरू किया। हर प्ले के बाद पृथ्वीराज खुद झोली लेकर गेट पर पैसे इकट्ठा करने खड़े होते थे। इसके बाद थिएटर में होने वाले प्ले पर फिल्में हावी पड़ने लगीं और पृथ्वी को फाइनेंशियल परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से थिएटर को बंद करना पड़ा। बेटे शशि कपूर और बहू की मदद से पृथ्वी थिएटर फिर शुरू हुआ, लेकिन इस बार यहां फिल्में रिलीज होने लगी थीं।
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पृथ्वीराज कपूर
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इसके बाद फिल्म मेकर आसिफ मुगल-ए-आजम बना रहे थे और इस फिल्म में वो किसी भी तरह पृथ्वीराज कपूर को कास्ट करना चाहते थे। उन्होंने एक्टर को एक ब्लैंक चैक दिया और कहा जो चाहे वो रकम भर लो, जिसके बाद पृथ्वीराज ने जो किया वो काफी हैरान कर देने वाला काम था। जी हां, उन्होंने फिल्म के लिए महज एक रुपए अपनी फीस ली के तौर पर ली। मुगल-ए-आजम सिनेमाघरों में दर्शकों का मनोरंजन करने में कामयाब रही और इस फिल्म में उनकी एक्टिंग की जमकर तारीफ हुई।
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पृथ्वीराज कपूर
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पृथ्वीराज कपूर के पर्सनल लाइफ की बात करें तो एक्टर की शादी महज 17 साल की उम्र में उनसे तीन साल छोटी रामसरानी मेहरा से हो गई थी। उनके तीन बच्चे राज कपूर, शशि कपूर और शम्मी कपूर थे। इनके अलावा उनके दो और बच्चे हुए, लेकिन शम्मी कपूर के जन्म से पहले उनके दो बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद उनकी एक बेटी हुई, उर्मिला सियाल।
पृथ्वीराज कपूर के बताए रास्ते पर चलकर बेटे राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि ने भी इंडस्ट्री में काफी नाम कमाया। इसके बाद सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वी 29 मई सन् 1972 में कैंसर जैसी गंभीर बीमार से लड़ते-लडते दुनिया को अलविदा कह गए। फिल्मों में उनके योगदान के लिए सन् 1968 में उन्हें पद्मभूषण और 1971 मे दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया था।