shashi kapoor
इसी पृथ्वी थिएटर में एक मुलाकात के दौरान शशि कपूर ने बताया था, “पृथ्वी थिएटर जनता की आवाज की प्रतिध्वनि है। मेरे पिता की तब हर लेखक से एक की दरख्वास्त होती थी कि जो भी लिखो वो ऐसा लिखो कि उसमें आज का भारत दिखे। इसका दर्द दिखे। इसकी सोबहत दिखे और इसकी मुश्किलात दिखें। जब तक हम इन पर खुलकर बात नहीं करेंगे, इनका हल निकाल नहीं पाएंगे।” कम लोगों को ही पता होगा कि बंटवारे से दो साल पहले पृथ्वीराज कपूर ने एक नाटक तैयार किया था दीवार, और इस नाटक में वह सब कुछ बयां कर दिया गया था जो बंटवारे के वक्त बाद में सबके सामने हकीकत बनकर आया।